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ब्यूरोक्रेसी से नहीं चलेगा AI; अमेरिका ने वैश्विक शासन के प्रस्ताव को ठुकराया

शिखर सम्मेलन के समापन पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे क्रैट्सियोस ने कहा, "जैसा कि ट्रम्प प्रशासन कई बार कह चुका है।

व्हाइट हाउस एडवाइजर क्रैट्सियोस / FIle Photo

नई दिल्ली में आयोजित प्रमुख 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' के अंतिम दिन अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नियमन और केंद्रीकृत नियंत्रण को पूरी तरह खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस के प्रौद्योगिकी सलाहकार माइकल क्रैट्सियोस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका AI के "वैश्विक शासन" (Global Governance) को "पूरी तरह" अस्वीकार करता है।

ट्रम्प प्रशासन का कड़ा संदेश
शिखर सम्मेलन के समापन पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे क्रैट्सियोस ने कहा, "जैसा कि ट्रम्प प्रशासन कई बार कह चुका है, हम AI के वैश्विक शासन को पूरी तरह खारिज करते हैं।" उन्होंने तर्क दिया कि यदि AI को नौकरशाही और केंद्रीकृत नियंत्रण के अधीन रखा गया, तो यह तकनीक एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त नहीं कर पाएगी।

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संयुक्त राष्ट्र बनाम अमेरिका: विचारधारा का टकराव
यह बयान संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के उस बयान के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने AI पर एक नए विशेषज्ञ पैनल के गठन की बात कही थी। नई दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य को लेकर वैश्विक दृष्टिकोणों का टकराव तब स्पष्ट हो गया जब संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने एक नए विशेषज्ञ पैनल के माध्यम से "मानवीय नियंत्रण को तकनीकी वास्तविकता" बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसकी तुलना उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर बने IPCC से की। इसके ठीक विपरीत, अमेरिकी प्रतिनिधि माइकल क्रैट्सियोस ने इस रुख को पूरी तरह नकारते हुए तर्क दिया कि UN जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों ने 'ग्लोबल डायलॉग ऑन AI गवर्नेंस' के नाम पर "डर का सामान्य माहौल" पैदा कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवता को इस डर के स्थान पर 'आशा' को अपनाना चाहिए, क्योंकि एआई में अभूतपूर्व वैश्विक समृद्धि लाने की क्षमता है, जिसे नौकरशाही और केंद्रीकृत नियंत्रण के माध्यम से बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

"सुरक्षा के नाम पर तानाशाही का खतरा"
क्रैट्सियोस ने आगाह किया कि जलवायु या समानता जैसे "वैचारिक और जोखिम-केंद्रित जुनून" अक्सर नौकरशाही प्रबंधन और केंद्रीकरण के बहाने बन जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी, "सुरक्षा के नाम पर, वे इस खतरे को बढ़ाते हैं कि इन उपकरणों (AI) का उपयोग तानाशाही नियंत्रण के लिए किया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि AI नीति को केवल सुरक्षा और काल्पनिक जोखिमों पर केंद्रित करने से प्रतिस्पर्धा खत्म होती है, बड़े खिलाड़ियों का एकाधिकार (Incumbents) मजबूत होता है और विकासशील देश AI अर्थव्यवस्था में पूरी तरह भाग लेने से वंचित रह जाते हैं।

बदलता स्वरूप: 'सेफ्टी से 'इम्पैक्ट' तक
अमेरिकी सलाहकार ने सम्मेलन का नाम "AI सेफ्टी" से बदलकर "AI इम्पैक्ट" करने का स्वागत किया। उन्होंने इसे एक सकारात्मक विकास बताया, लेकिन वैश्विक नियामक बाधाओं के प्रति अपनी असहमति बरकरार रखी। गौरतलब है कि पिछले साल पेरिस में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी "अत्यधिक नियमन" के खिलाफ चेतावनी दी थी, जो इस परिवर्तनकारी क्षेत्र को खत्म कर सकता है।

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