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AAPI ओडिशा में वैश्विक स्वास्थ्य सेवा शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा

इस शिखर सम्मेलन में आयुर्वेद, एकीकृत चिकित्सा, योग और ध्यान पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

सम्मेलन का आयोजन KIMS में 9 जनवरी के किया जाएगा। / AAPI (aapiindia.in/) and KIMS (kims.kiit.ac.in/)

भारतीय मूल के चिकित्सकों का अमेरिकी संघ (AAPI) 9 से 11 जनवरी तक कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (KIMS) में ग्लोबल हेल्थकेयर समिट (GHS) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है।

AAPI के अध्यक्ष और AAPI GHS के अध्यक्ष डॉ. अमित चक्रबर्ती ने बताया कि तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में भारत और अमेरिका के चिकित्सक, शोधकर्ता, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के नेता और नवप्रवर्तक शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा सहयोग को मजबूत करना और चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नैदानिक ​​देखभाल में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है।

AAPI GHS 2026 में सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) सत्र, AI-आधारित नैदानिक ​​अंतर्दृष्टि, उन्नत शल्य चिकित्सा प्रदर्शन, व्यावहारिक कार्यशालाएं, जन स्वास्थ्य पहल और चिकित्सा छात्रों और रेजिडेंट्स के लिए विशेष मंच उपलब्ध होंगे।

ओडिशा फिजिशियंस ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष डॉ. अतासु नायक ने बताया कि इस कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी पर प्रस्तुतियां, वैश्विक चिकित्सा पद्धति में एआई की भूमिका पर एक प्रभावशाली पूर्ण सत्र और उन्नत सिममैन3जी+ सिमुलेशन तकनीक का उपयोग करते हुए आपातकालीन एवं पुनर्जीवन कार्यशालाएँ शामिल हैं। विशेषज्ञता-केंद्रित मंचों में मधुमेह और मोटापा, तपेदिक, गहन चिकित्सा और चयापचय सिंड्रोम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी चर्चा होगी।

शिखर सम्मेलन में आयुर्वेद, एकीकृत चिकित्सा, योग और ध्यान पर भी सत्र होंगे, जो समग्र और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा के प्रति AAPI की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य पहल, जैसे कि सामूहिक रूप से केवल हाथों से सीपीआर कार्यक्रम, भी शिखर सम्मेलन का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य 1,200 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करना है। इसमें एचपीवी जागरूकता, टीकाकरण अभियान और AAPI स्टेम सेल रजिस्ट्री अभियान भी शामिल हैं।

शिखर सम्मेलन में 'स्वास्थ्य सेवा में महिलाएं: चुनौतियां' विषय पर एक विशेष सीएमई भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें नेतृत्व विकास, व्यावसायिक उन्नति और चिकित्सा में लैंगिक समानता पर जोर दिया जाएगा। विश्वभर से प्रतिनिधियों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है।

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