ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान एनसीसी कैडेट्स की भागीदारी प्रशंसनीयः एयर चीफ मार्शल

एयर चीफ मार्शल ने देश के 17 एनसीसी निदेशालयों के कैडेट्स द्वारा विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किए गए फ्लैग एरिया का निरीक्षण किया।

भारत के एयर चीफ मार्शल एपी सिंह / IANS

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की है। उन्होंने विभिन्न सरकारी पहलों के प्रचार-प्रसार में भी एनसीसी कैडेट्स के योगदान को सराहा। उन्होंने कैडेट्स से वर्दी से आगे बढ़कर राष्ट्रवाद को अपनाने, निरंतर आत्म-विकास करने और जीवन में कभी हार न मानने के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। 

दरअसल, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह गुरुवार को दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) का दौरा करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों विंग्स के एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर की समीक्षा की। इसके पश्चात राजस्थान के पिलानी स्थित बिरला बालिका विद्यापीठ की छात्राओं द्वारा आकर्षक बैंड प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया।

यह भी पढ़ें- इंटरनेशनल सोलर अलायंस को भारत का समर्थन, अमेरिका बाहर

एयर चीफ मार्शल ने देश के 17 एनसीसी निदेशालयों के कैडेट्स द्वारा विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किए गए फ्लैग एरिया का निरीक्षण किया और इसके बाद एनसीसी हॉल ऑफ फेम का भ्रमण किया।

वायुसेना प्रमुख ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया और राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी देशभर में अपनी व्यापक उपस्थिति के साथ विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी संगठन है, जिसमें 20 लाख से अधिक कैडेट्स हैं और इनमें 40 प्रतिशत बालिका कैडेट्स शामिल हैं।

वायुसेना प्रमुख ने एनसीसी गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आरडीसी 2026 में अपने-अपने निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर पाने वाले कैडेट्स को बधाई भी दी। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने समूह गीत और समूह नृत्य के माध्यम से भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया। कैडेट्स ने यहां मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। एयर चीफ मार्शल सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना की।

 

Comments

Related