उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना / X/@SureshKKhanna
वैश्विक निवेश मंच दावोस में उत्तर प्रदेश ने बड़ी आर्थिक छलांग लगाते हुए दुनिया के निवेशकों का भरोसा जीत लिया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के दौरान यूपी को 2.92 लाख करोड़ रुपए (3.19 बिलियन डॉलर) से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस दौरान प्रदेश सरकार ने 31 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे यूपी को एआई, डाटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी का नया हब बनाने की दिशा मजबूत हुई है।
दावोस में यूपी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि 19 से 23 जनवरी तक चले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में राज्य की ओर से 119 हाई-लेवल निवेशक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
सरकार के अनुसार, निवेश प्रस्ताव डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। ब्लैकरॉक, गूगल, डेलॉइट और मार्श मैकलेनन जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। दावोस में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव एएम ग्रीन्स की ओर से सामने आया है। कंपनी ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावॉट क्षमता का एआई-सक्षम डाटा सेंटर स्थापित करेगी। इस परियोजना में 2.10 लाख करोड़ रुपए का निवेश दो चरणों में किया जाएगा, जो प्रदेश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा।
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अन्य प्रमुख निवेश समझौते एसएईएल इंडस्ट्रीज: 8,000 करोड़ रुपए, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना आइनॉक्स जीएफएल ग्रुप: 10,500 करोड़ रुपए, सोलर पावर और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग टीडब्ल्यूआई ग्रुप (यूके): 1,100 करोड़ रुपए, हाइब्रिड मोटरसाइकिल प्लांट अर्ना फार्मा (ऑस्ट्रेलिया): 1,250 करोड़ रुपए, दवा निर्माण इकाई एसए टेक्नोलॉजीज: 200 करोड़ रुपए, प्रॉम्ट एबी इंडिया: 100 करोड़ रुपये योमेन (रक्षा क्षेत्र): 150 करोड़ रुपए हुए।
वित्त मंत्री ने बताया कि डावोस में यूपी पवेलियन चारों दिन निवेशकों से खचाखच भरा रहा। 130 देशों की भागीदारी वाले इस मंच पर उत्तर प्रदेश को एक तेजी से उभरते निवेश गंतव्य के रूप में व्यापक पहचान मिली। प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री के साथ आईआईडीसी के प्रमुख दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद और यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह शामिल रहे। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और नीतिगत स्थिरता के कारण उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभर रहा है।
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