असम सीएम सरमा / IANS
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू के बीच मजबूत और भरोसेमंद संबंध हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान आईएएनएस से बातचीत में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भारतीय कंपनियों को अलग-अलग वैश्विक बाजारों तक पहुंच की जरूरत है, जिसे भारत-ईयू व्यापार समझौते के जरिए पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यूरोप भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है। यह हाल के दिनों में यूरोपीय संघ के नेतृत्व के बयानों से स्पष्ट है। ईयू के वक्तव्यों में भी भारत को एक प्रमुख वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभरते हुए बताया गया है। भारत की स्थिर नीतियां और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था यूरोपीय निवेश और साझेदारियों को आकर्षित कर रही हैं।”
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को प्रस्तावित है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक बाजारों में अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी उथल-पुथल और भू-राजनीतिक बदलावों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।
यह भी पढ़ें- यमुना बनेगी फिर से दिल्ली की जीवनरेखा, एक्शन मोड में सरकार
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल ही में भारत की विकास दर के अनुमान को संशोधित करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इसे 7.3 प्रतिशत बताया है।
उन्होंने कहा, “भारत जल्द ही सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लिहाज से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके अलावा हमारे पास कई अन्य ताकतें भी हैं।”
सरमा ने कहा कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है, जहां नीतियों में निरंतरता और धैर्य है। उन्होंने कहा, “अगर एक-दो रणनीतियां सफल नहीं भी होती हैं, तो चिंता की बात नहीं है। हम अन्य बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है और हमारे पास एक बड़ा घरेलू बाजार भी है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली बार है जब असम का प्रतिनिधिमंडल दावोस आया है। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी थी कि हम वैश्विक नेताओं के सामने असम को प्रस्तुत करें। लोग हमारी बात सुन रहे हैं और निवेश के लिए प्रतिबद्धता भी जता रहे हैं।”
इससे पहले, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा था कि असम सरकार ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित भविष्य के लिए अपने युवाओं को तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य अपने युवा जनसांख्यिकीय लाभ का उपयोग करते हुए उद्योग-आधारित कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है।
डब्ल्यूईएफ की एक अन्य बैठक में उन्होंने बताया कि असम किस तरह उभरती तकनीकों और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अपने स्किलिंग इकोसिस्टम को नया रूप दे रहा है।
न्यू इंडिया अब्रॉड की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login