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AI इम्पैक्ट समिट 2026: वैश्विक संवाद को मिलेगी नई दिशा, भारत-नाइजीरिया संबंधों में आएगी मजबूती

इस आयोजन में 13 देशों के पैवेलियन भी शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूके, फ्रांस, जर्मनी और कई अफ्रीकी देश अपनी एआई क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर / AI

नाइजीरिया में भारत के उच्चायुक्त अभिषेक सिंह ने कहा है कि 'इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट' न केवल वैश्विक एआई विमर्श को नया आकार देगी, बल्कि नाइजीरिया के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शिखर सम्मेलन पूरे अफ्रीका और 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

नाइजीरियाई समाचार एजेंसी (NAN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, उच्चायुक्त सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वैश्विक असमानता बढ़ाने के बजाय समावेशी विकास का एक उपकरण बने। उन्होंने कहा कि यह मंच एआई गवर्नेंस में ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद करेगा और डेटा संप्रभुता, रोजगार में बदलाव और बढ़ती डिजिटल खाई जैसे प्रमुख मुद्दों का समाधान खोजेगा।

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उच्चायुक्त ने शिखर सम्मेलन के मुख्य विषय 'सर्वेजन हिताय, सर्वेजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी का सुख) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत, नाइजीरिया और अन्य अफ्रीकी देशों की साझा आकांक्षाओं को दर्शाता है। यह दृष्टिकोण भारत द्वारा पहले साझा किए गए 'डिजिटल पब्लिक गुड्स' (DPG) की तरह ही है, जो नाइजीरियाई डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को कम लागत पर एआई समाधान बनाने के अवसर प्रदान करेगा।

इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट की सराहना करते हुए कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि दुनिया भर से लोग इस आयोजन के लिए भारत आ रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन के साथ ही 16 से 20 फरवरी तक एक भव्य एआई एक्सपो का भी आयोजन किया जा रहा है। 70,000 वर्ग मीटर में फैले इस एक्सपो में वैश्विक तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप, शिक्षाविद और अनुसंधान संस्थान हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन में नीति निर्माताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एआई आधारित समृद्धि की दिशा में पहला कदम शिक्षा और बुनियादी कौशल सुधारों के साथ शुरू होना चाहिए। इस आयोजन में 13 देशों के पैवेलियन भी शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूके, फ्रांस, जर्मनी और कई अफ्रीकी देश अपनी एआई क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रदर्शन कर रहे हैं।

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