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भारत उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में मजबूत कर रहा अपनी पहचानः रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की विकास कहानी केवल कुछ महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विभिन्न राज्यों में भी फैली है।

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी / IANS/Prem Nath Pandey

पिछले दशक से भारत ने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव किए हैं, जिससे यह 21वीं सदी की सबसे प्रभावशाली उभरती शक्तियों में से एक के रूप में उभरा है। यूएई के खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की विकास कहानी केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश में फैल रही है।

राज्यों का संतुलित विकास
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की विकास कहानी केवल कुछ महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विभिन्न राज्यों में भी फैली है। गुजरात ने अपने पोर्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स और नवीकरणीय ऊर्जा निवेश के जरिए औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में अपनी भूमिका मजबूत की है। तमिलनाडु ने ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत औद्योगिक उत्पादन में नेतृत्व बढ़ाया, साथ ही स्किलिंग और निर्यात में भी निवेश किया। महाराष्ट्र ने वित्तीय सेवाओं, अवसंरचना आधुनिकीकरण और नवाचार आधारित उद्यमिता को जोड़कर राष्ट्रीय विकास में प्रमुख योगदान दिया है।

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पिछड़े राज्य तरक्की की ओर
पूर्व में आर्थिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले राज्यों ने भी ठोस प्रगति दर्ज की है। उत्तर प्रदेश ने एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और शहरी अवसंरचना में बड़े निवेश किए, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई और निवेश के नए अवसर खुले। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने कृषि से जुड़े उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स पर ध्यान केंद्रित किया। ओडिशा ने धातु, खनिज और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग में अपनी प्रमुख भूमिका को मजबूत किया।

दक्षिण भारत में टेक्नोलॉजी और नवाचार की बढ़ती पहचान
कर्नाटक, विशेषकर बेंगलुरु, ने आईटी सेवाओं के अलावा स्टार्टअप, रिसर्च और उभरती तकनीकों में वैश्विक पहचान मजबूत की है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल सेवाओं में क्षमता बढ़ाकर निर्यात और रोजगार में योगदान दिया है।

सामाजिक और संस्थागत निवेश से नई दिशा
भौतिक अवसंरचना के साथ-साथ भारत ने सामाजिक और संस्थागत अवसंरचना में भी निवेश किया है। मजबूत बाल कल्याण ढांचे ने मानव संसाधन विकास को बढ़ावा दिया है। डिजिटल पहचान प्रणालियों के माध्यम से सब्सिडी वितरण अधिक कुशल हुआ और भ्रष्टाचार व लीक को कम किया गया।

वैश्विक मंच पर भारत की मजबूती
इन सभी प्रयासों ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और उभरती शक्ति के रूप में स्थापित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में यह रफ्तार और स्थिरता दोनों बनाए रखेगा, जिससे देश आर्थिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों तक पहुंचेगा।

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