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भारत की अब वैश्विक GDP के 70% हिस्से तक बाजार पहुंच, ज्यादातर पर शून्य शुल्क

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में भारत ने 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जो 38 देशों को कवर करते हैं।

भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल / X@PiyushGoyal

भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत को अब वैश्विक जीडीपी के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से तक बाजार पहुंच मिल चुकी है, जहां अधिकांश मामलों में भारतीय उत्पादों पर शून्य शुल्क (Zero Duty) लागू है।

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में भारत ने 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जो 38 देशों को कवर करते हैं। इनमें उच्च प्रति व्यक्ति आय वाले और विकसित बाजार शामिल हैं।

गोयल ने कहा कि भारत के व्यापार समझौतों में 27 देशों का यूरोपीय संघ (EU), 4 देशों का EFTA ब्लॉक, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका शामिल हैं। इसके अलावा जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के साथ समझौते पहले ही हो चुके हैं।

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स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार की ओर बढ़ने की सलाह

मंत्री ने विशेष रूप से मेडटेक स्टार्टअप्स से घरेलू बाजार से आगे बढ़कर वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत के व्यापार समझौते अब विश्व की लगभग 70% जीडीपी को कवर करते हैं, जिसका फायदा उठाकर भारतीय नवाचार दुनिया के विभिन्न हिस्सों — अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं — तक पहुंच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि किफायती और स्केलेबल मेडिकल टेक्नोलॉजी भारत के सुदूर इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकती है।

सरकार देगी पूरा सहयोग

पीयूष गोयल ने आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय मेलों और प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए स्टार्टअप्स के प्रतिनिधिमंडलों को सहयोग देगा। उन्होंने बताया कि भारत के 190 से अधिक देशों में स्थित दूतावास और मिशन नवोन्मेषकों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स को वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए, जो 100 से अधिक देशों में मौजूद हैं, ताकि विकसित बाजारों तक पहुंच आसान हो सके।

फार्मा और डिजाइन क्षेत्र में विस्तार

कार्यक्रम में मौजूद स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि कई कंपनियों को CDSCO की मंजूरी मिल चुकी है और कुछ को FDA की मंजूरी मिलने वाली है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय विस्तार में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि देश में तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि सात मौजूदा NIPER संस्थानों का उन्नयन किया जा रहा है। इसके अलावा पूर्वी भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकारों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है।

मंत्री ने ‘स्टार्टअप इंडिया’, निजी क्षेत्र और मीडिया से सफलताओं की कहानियों को सामने लाने और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

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