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भारत में ग्लोबल अवेयरनेस कैंपेन लॉन्च, सड़क सुरक्षा पर मिलकर काम करने की अपील

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कैंपेन का समर्थन करते हुए एक वीडियो जारी किया। वह सड़क सुरक्षा के लिए ग्लोबल चैंपियंस के तौर पर चुनी गई हस्तियों और स्पोर्टिंग चैंपियंस के समूह में शामिल हुए।

प्रतीकात्मक तस्वीर / IANS

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सड़क सुरक्षा के खास दूत जीन टॉड ने रोड सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए एक ग्लोबल अवेयरनेस कैंपेन 'मेक ए सेफ्टी स्टेटमेंट' भारत में लॉन्च किया। इसमें अलग-अलग हस्तियां सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए रोजाना के उपायों को प्रमोट करते हुए नजर आएंगी। 

इन बयानों वाले डिजिटल बिलबोर्ड और पोस्टर भारत के चार शहरों, नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बैंगलोर में दिखाई देंगे। इसका मकसद अलग-अलग क्षेत्र के नेताओं को सड़क सुरक्षा में समर्थन करने की अहमियत को उजागर करना है। कैंपेन को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जाएगा।

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पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कैंपेन का समर्थन करते हुए एक वीडियो जारी किया। वह सड़क सुरक्षा के लिए ग्लोबल चैंपियंस के तौर पर चुनी गई हस्तियों और स्पोर्टिंग चैंपियंस के समूह में शामिल हुए।

 जीन टॉड ने कहा, “सड़क हादसे दुनियाभर में एक साइलेंट महामारी हैं और भारत में इसकी वजह से हर साल हजारों जानें जा रही हैं। इससे देशभर के परिवार और समुदाय पर गहरा असर पड़ रहा है। एक ऐसे देश में जहां मोबिलिटी तेजी से बढ़ रही है, सड़क सुरक्षा पर मिलकर काम करने से सड़कों पर पीड़ितों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है।”

दूत का भारत का यह दौरा माराकेश डिक्लेरेशन के 11 महीने बाद हो रहा है, जहां यूएन सदस्यों ने सड़क सुरक्षा के लिए एक्शन में तेजी लाने पर सहमति जताई थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या को आधा करना था।

भारत में सड़क दुर्घटना एक बड़ी पब्लिक स्वास्थ्य चिंता बनी हुई है, जिससे हर साल लगभग 153,972 लोगों की जान जाती है और मृत्यु दर 15.4 प्रति 100,000 है। पैदल चलने वाले, साइकिल चलाने वाले और मोटरसाइकिल चलाने वाले खास तौर पर कमजोर होते हैं और मौतों का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं का होता है।

यूएन ने संयुक्त राष्ट्र सड़क सुरक्षा फंड (यूएनएसआरएफ) से फंडेड एक प्रोजेक्ट भी लॉन्च किया। ‘भारत में रोड सेफ्टी के लिए सस्टेनेबल फाइनेंसिंग: एक कोलैबोरेटिव अप्रोच’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग एशिया और प्रशांत (यूएनईएससीएपी) के तकनीकी समर्थन से लागू किया गया है। इसका मकसद पूरे भारत में रोड सेफ्टी को मजबूत करना है।

भारत में यह प्रोजेक्ट यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस के साथ तालमेल बैठाकर राजस्थान, केरल, तमिलनाडु और असम राज्यों के साथ पार्टनरशिप में लागू किया जा रहा है। यह पहल एक समन्वित और टिकाऊ सड़क सुरक्षा वित्तपोषण ढांचा बनाने, सड़क सुरक्षा एक्शन प्लान को असरदार तरीके से लागू करने के लिए क्षमता बनाने और सड़क पर होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने पर फोकस करती है।

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