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निवेश से नवाचार तक: भारत के लिए क्यों अहम है प्रवासी भारतीय दिवस? जानिए

9 जनवरी 1915 का दिन भारतीय इतिहास में खास है। इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।

 प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर / AI

हर साल 9 जनवरी को मनाया जाने वाला प्रवासी भारतीय दिवस सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उस वैश्विक भारतीय समुदाय को सलाम करने का दिन है, जो देश की सीमाओं से बाहर रहते हुए भी भारत की तरक्की में बड़ी भूमिका निभा रहा है। आज दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में करोड़ों भारतीय मूल के लोग बसे हुए हैं। ये लोग न सिर्फ भारत की पहचान हैं, बल्कि निवेश, तकनीक, शिक्षा और संस्कृति के जरिए देश को लगातार मजबूत भी कर रहे हैं। 

9 जनवरी 1915 का दिन भारतीय इतिहास में खास है। इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उन्होंने विदेश में रहते हुए सत्याग्रह जैसे आंदोलनों की नींव रखी और भारत लौटकर आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। इसी ऐतिहासिक वजह से 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में चुना गया, ताकि विदेश में रह रहे भारतीयों के योगदान को याद किया जा सके।

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भारत के लिए प्रवासी भारतीय दिवस इसलिए भी अहम है क्योंकि यह निवेश को बढ़ावा देता है। विदेशों में बसे भारतीय आज बड़ी कंपनियों के सीईओ हैं, स्टार्टअप चला रहे हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जब ये लोग भारत में निवेश करते हैं, तो सिर्फ पैसा नहीं लाते, बल्कि भरोसा, अनुभव, और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी साथ लाते हैं। रियल एस्टेट से लेकर स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर तक, प्रवासी भारतीयों का निवेश भारत की विकास कहानी को नई रफ्तार देता है।

आज भारत का नाम आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थटेक और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है। इसमें प्रवासी भारतीयों की भूमिका अहम है। सिलिकॉन वैली से लेकर यूरोप तक, भारतीय मूल के वैज्ञानिक, इंजीनियर और टेक एक्सपर्ट भारत के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन दे रहे हैं। कई लोग मेंटर बनकर युवाओं को सही दिशा दिखा रहे हैं, तो कई लोग नई तकनीक और रिसर्च को भारत तक पहुंचा रहे हैं।

प्रवासी भारतीय दिवस भारतीय युवाओं के लिए भी बेहद खास है। विदेश में सफल हुए भारतीयों की कहानियां युवाओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती हैं। सम्मेलन के दौरान जब युवा उद्यमी, छात्र और पेशेवर प्रवासी भारतीयों से सीधे बातचीत करते हैं तो उन्हें यह समझने का मौका मिलता है कि मेहनत, शिक्षा और नवाचार से वैश्विक स्तर पर कैसे पहचान बनाई जा सकती है।

प्रवासी भारतीय सिर्फ आर्थिक योगदान तक सीमित नहीं हैं। वे भारत की संस्कृति, परंपरा और भाषा को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा रहे हैं। योग, भारतीय खाना, त्योहार और बॉलीवुड—इन सबकी वैश्विक लोकप्रियता में प्रवासी भारतीयों की बड़ी भूमिका है। प्रवासी भारतीय दिवस इसी सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करता है।

 

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