ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

डीकिन यूनिवर्सिटी ने भारतीय स्नातकों के पहले बैच का जश्न मनाया

खास बात यह है कि छात्रों के पहले बैच ने भारत छोड़े बिना अपनी वैश्विक डिग्रियां हासिल कीं।

डीकिन यूनिवर्सिटी GIFT सिटी कैंपस के पहले स्नातक। / Courtesy: Deakin University

ऑस्ट्रेलिया की डीकिन यूनिवर्सिटी ने गुजरात के GIFT सिटी कैंपस में अपना पहला ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित किया, जिसमें छात्रों के पहले बैच को डिग्री दी गई। यह बैच भारत का पहला ऐसा बैच है जिसने विदेश जाए बिना, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ऑस्ट्रेलियाई डिग्री हासिल की है।

गांधीनगर के GIFT सिटी कैंपस में आयोजित इस सेरेमनी में ऑस्ट्रेलियाई शैक्षणिक परंपराओं का पालन किया गया। इजिसमें विशेष पोशाक, प्रोटोकॉल और संस्थागत रीति-रिवाज शामिल थे और साथ ही इसमें भारतीय परिवेश का भी समावेश किया गया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शिरकत की; उनके साथ भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

ग्रेजुएट हो रहे छात्रों को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि आज ग्रेजुएट हो रहे आप सभी छात्र एक विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। आप डीकिन यूनिवर्सिटी के GIFT सिटी कैंपस से ग्रेजुएट होने वाला पहला बैच हैं। आपकी उपलब्धियां भविष्य में कई अन्य छात्रों को प्रेरित करेंगी। आपने यहां जो ज्ञान, कौशल और वैश्विक अनुभव प्राप्त किया है, वह आपको 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ, वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाएगा।

ग्रेजुएट हो रहे इस बैच ने ऐसे कार्यक्रमों को पूरा किया, जिन्हें उद्योग के साथ जुड़ाव, व्यावहारिक शिक्षा और वैश्विक उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद पर केंद्रित करके तैयार किया गया था। छात्रों ने मास्टरक्लास और मेंटरिंग सत्रों में भाग लिया; इनमें से कई छात्रों को नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक, हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन और इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज जैसे प्रतिष्ठित संगठनों में प्लेसमेंट भी मिला है।

ग्रीन ने कहा कि डीकिन यूनिवर्सिटी को बहुत-बहुत बधाई, क्योंकि उसके GIFT सिटी कैंपस के छात्रों का पहला बैच आज ग्रेजुएट हो रहा है। यह कार्यक्रम केवल डिग्रियां प्रदान करने का एक अवसर मात्र नहीं है, बल्कि यह दुनिया के सामने भारत के एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में हो रहे कायाकल्प को प्रस्तुत करने का भी एक सुनहरा अवसर है।

डीकिन यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर इयान मार्टिन ने कहा कि यह मील का पत्थर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग को दर्शाता है। डीकिन-भारत साझेदारी में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है। यह समूह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि जब दो देश आपस में सहयोग करते हैं और उत्कृष्टता तथा विश्व-स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं, तो क्या-कुछ संभव हो सकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि अपनी विश्व-मान्यता प्राप्त डिग्रियाँ पूरी करने के बाद, ये स्नातक भारत की आर्थिक, औद्योगिक और कार्यबल संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

डीकिन यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल एंगेजमेंट) और CEO (दक्षिण एशिया), रवनीत पाहवा ने कहा कि यह विकास नीति के सफल क्रियान्वयन को दर्शाता है। कहा कि आज का दिन केवल छात्रों की उपलब्धि का ही नहीं, बल्कि नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन का भी प्रतीक है। जब भारत ने NEP 2020 के तहत अपने शिक्षा तंत्र की पुनर्कल्पना की, तो उसने उच्च-गुणवत्ता वाले वैश्विक संस्थानों के प्रति एक नई खुलेपन की भावना का संकेत दिया।

डीकिन यूनिवर्सिटी ने गांधीनगर स्थित GIFT सिटी में अपना परिसर स्थापित किया, जो भारत में किसी भी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की पहली शाखा है। यह परिसर, जिसने जुलाई 2024 में अपना परिचालन शुरू किया, वर्तमान में स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है।

अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
 

 

Comments

Related