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दिल्ली धमाके के बाद गणतंत्र दिवस पर हमले की साजिश रच रहे जैश और अलकायदा, एजेंसियां सतर्क

सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

दिल्ली लाल किला / IANS/Qamar Sibtain

लाल किले के पास हुए धमाके के बाद खुफिया एजेंसियों ने राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले बेहद हाई अलर्ट जारी किया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने सुरक्षा एजेंसियों को चेताया है कि जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा मिलकर एक समन्वित आतंकी हमले की साजिश रच रहे हैं।

खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, यही आतंकी संगठन अयोध्या में राम मंदिर को भी निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। एक आईबी अधिकारी ने बताया कि यह साजिश स्थानीय स्तर पर रची गई थी और इसका मकसद दिल्ली और अयोध्या समेत कई स्थानों पर एक साथ हमले करना था।

इस इनपुट के बाद सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तलाशी और अभियान चलाए जा रहे हैं।

यह अलर्ट ऐसे समय आया है, जब हाल ही में दिल्ली पुलिस ने जैश से प्रेरित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसने नई दिल्ली में लाल किले के पास विस्फोट को अंजाम दिया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह धमाका असल में गणतंत्र दिवस के दिन करने की योजना थी, लेकिन फरीदाबाद मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद आतंकी घबरा गया और उसने बम समय से पहले विस्फोट कर दिया।

फरीदाबाद में हुई कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने 2,000 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था, जिससे आतंकी नेटवर्क में हड़कंप मच गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद अब उस योजना को फिर से अंजाम देने की कोशिश कर रहा है, जो वह पहले पूरी नहीं कर पाया था। एजेंसियां अब उन सुरागों की तलाश में हैं, जो इस नए आतंकी मॉड्यूल तक पहुंचा सकें। साथ ही, विस्फोटकों की सप्लाई चेन को ट्रैक करने के लिए भी सघन सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

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जांच में यह भी सामने आया है कि इस मॉड्यूल की जड़ें भी जम्मू-कश्मीर में हैं और हमलों की योजना वहीं बनाई गई हो सकती है।

खुफिया एजेंसियों ने यह भी पाया है कि ऑनलाइन गतिविधियां और सोशल मीडिया पर हलचल तेजी से बढ़ी है। हाल के दिनों में ‘फाल्कन स्क्वॉड’ नाम का एक अकाउंट, जिसे कश्मीरी रेजिस्टेंस ग्रुप से जोड़ा जा रहा है, सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हो गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को भड़काने वाला प्रचार और प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि इस पूरे ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की सीधी भूमिका है। हमलों को अंजाम देने के लिए आईएसआई ने पंजाब से कुछ आतंकियों को भी शामिल किया है।

सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में आईएसआई द्वारा खड़ा किया गया खालिस्तानी नेटवर्क दिल्ली और अयोध्या में धमाकों की साजिश को अंजाम देने में जैश की मदद कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खालिस्तानी आतंकी संगठन और जैश-ए-मोहम्मद पहले भी साथ काम कर चुके हैं, इसलिए आईएसआई के लिए इन दोनों को एक मंच पर लाना मुश्किल नहीं है। दोनों संगठनों के कई आतंकी पाकिस्तान में एक साथ प्रशिक्षण ले चुके हैं और उनके बीच पुराना तालमेल है।

बताया जा रहा है कि खालिस्तानी समूह जैश को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में जुटे हुए हैं।

इस बीच, सुरक्षा एजेंसियां पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल पर भी कड़ी नजर बनाए हुए हैं। खुफिया एजेंसियों को पिछले सप्ताह बांग्लादेश में पनप रही एक साजिश के बारे में जानकारी मिली थी, जिसका मकसद इन इलाकों को निशाना बनाना है। बताया गया है कि कई आतंकियों को इसके लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है और वे पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि ये आतंकी समूह पश्चिम बंगाल और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों का फायदा उठाने की फिराक में हैं। इसके अलावा, फरवरी में बांग्लादेश में होने वाले चुनावों के मद्देनज़र भी ये कट्टरपंथी तत्व किसी बड़ी शरारत या आतंकी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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