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CEO ने संस्थापकों के लिए अमेरिकी इमिग्रेशन को एक बड़ी बाधा बताया

निमी वाशी ने बताया कि उनका दूसरा O-1 वीजा 15 दिनों के भीतर और बिना किसी RFE के मंजूर हो गया, क्योंकि वह अपना खुद का बायोटेक स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही थीं।

निमी वाशी / X/ Nimi Vashi

एक 'स्टेल्थ बायोटेक स्टार्टअप' की भारतीय सह-संस्थापक और CEO ने कहा कि अमेरिका में कंपनियां बनाने वाले प्रवासी संस्थापकों के लिए 'इमिग्रेशन' (आप्रवासन) अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि वीजा की स्थिति, कई बार प्रोडक्ट डेवलपमेंट और फंड जुटाने से भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।

'अमेरिका में कुछ बनाने की कोशिश कर रहे प्रवासी संस्थापकों के लिए: US इमिग्रेशन आपकी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रोडक्ट नहीं। पिच डेक नहीं। बल्कि इमिग्रेशन, निमी वाशी ने X पर लिखा। उन्हें अपना दूसरा O-1 वीजा मिला है।

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