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All We Imagine as Light बाफ्टा में तीन पुरस्कारों की रेस में, गोल्डन ग्लोब से भी उम्मीदें

ये फिल्म बाफ्टा में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, मूल पटकथा और सर्वश्रेष्ठ फिल्म (अंग्रेजी भाषा से अलग) श्रेणियों में पुरस्कार की रेस में है। 

पायल कपाड़िया की फिल्म को समीक्षकों से काफी प्रशंसा मिली है। / X @PayalKapadia86

पायल कपाड़िया की फिल्म All We Imagine as Light को साल 2025 के बाफ्टा फिल्म अवार्ड्स में तीन कैटिगरी में नॉमिनेशन मिला है। समीक्षकों द्वारा प्रशंसित ये फिल्म सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, मूल पटकथा और सर्वश्रेष्ठ फिल्म (अंग्रेजी भाषा से अलग) श्रेणियों में पुरस्कार की रेस में है। 

इस मलयालम फिल्म ने में कनी कुसरुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। मई 2024 में कान फिल्म समारोह में ग्रां प्री अवॉर्ड जीतने के बाद इसे कई पुरस्कारों मिल चुके हैं।

इसके अलावा पायल कपाड़िया की इस फिल्म को 6 जनवरी को होने वाले 82वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स से भी काफी उम्मीदे हैं। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए गोल्डन ग्लोब्स में दो नामांकन मिले हैं।

बाफ्टा में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक श्रेणी में पायल कपाड़िया को सीन बेकर, ब्रैडी कॉर्बेट और डेनिस विलेन्यूवे से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। सर्वश्रेष्ठ फिल्म (अंग्रेजी भाषा से अलग) श्रेणी में ब्लैक डॉग, द काउंट ऑफ मोंटे क्रिस्टो और एमिलिया पेरेज आगे बताई जा रही हैं।

हाल ही में डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज ऑल वी इमेजिन एज लाइट फिल्म मुंबई में काम करने वाली तीन नर्सों के भावनात्मक जीवन को दर्शाती है, जो व्यस्त शहर में अकेलेपन से जूझ रही होती हैं। 

अपनी मार्मिक कहानी के लिए इस फिल्म को दिसंबर 2024 में आयोजित गोथम अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म का पुरस्कार मिल चुका है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी साल की देखने लायक फिल्मों में इसे शुमार किया है।

हाल ही में यह फिल्म उस वक्त सुर्खियों में आई थी, जब इसे फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) द्वारा ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री के लिए नहीं चुना गया। इसके बजाय किरण राव की लापता लेडीज को ऑस्कर में भेजा गया था, लेकिन वह शुरुआत में ही बाहर हो गई। 

दिलचस्प तथ्य यह है कि भारत में जहां ऑल वी इमेजिन एज लाइट को ऑस्कर के लायक नहीं माना, वहीं फ्रांस ने इसे ऑस्कर में भेजने पर विचार किया था। इस फिल्म को बनाने में फ्रांस का भी योगदान रहा है।

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