ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ पर श्रद्धा का उत्सव

कार्यक्रम का केंद्र बिंदु भगवान राम की पूजा, भक्ति संगीत और सामूहिक सेवा रहा। मंदिर परिसर में पूरे शाम श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रही।

Bay Area devotees mark Ram Mandir milestone / Lalit K Jha/IANS

कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली स्थित फ्रीमोंट हिंदू मंदिर में अयोध्या के राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु एकत्र हुए। भारत में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों से एक दिन पहले आयोजित इस आयोजन में बे एरिया के विभिन्न हिस्सों से परिवार, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए।

कार्यक्रम का केंद्र बिंदु भगवान राम की पूजा, भक्ति संगीत और सामूहिक सेवा रहा। मंदिर परिसर में पूरे शाम श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रही। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन किसी सांस्कृतिक मंचन के बजाय एक शुद्ध भक्ति सभा के रूप में रखा गया था, जिसमें सभी को खुले रूप से भाग लेने का अवसर मिला।

स्थानीय पेशेवर भजन गायकों ने राम धुन और भजनों की प्रस्तुति दी। श्रद्धालु प्रार्थना कक्ष में फर्श पर बैठकर भजनों में शामिल हुए, तालियां बजाईं और मंत्रोच्चार किया। भजन-कीर्तन के दौरान पूरा हॉल भरा रहा।

यह भी पढ़ें- फरक्का जल संधि: नई बांग्लादेश सरकार के सामने होगी भारत से संबंधों की चुनौती

कार्यक्रम के बाद प्रीति भोज का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने प्रसाद और पारंपरिक मिठाइयां वितरित कीं। मंदिर प्रशासन ने बताया कि समुदाय के सदस्यों ने प्रीति भोज को प्रायोजित किया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें सहभागी बन सकें।

कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से वे भौगोलिक दूरी के बावजूद अयोध्या में हो रहे ऐतिहासिक और धार्मिक विकास से भावनात्मक रूप से जुड़े महसूस कर सके। मंदिर अधिकारियों के अनुसार राम मंदिर का महत्व भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए लगातार बना हुआ है, इसी कारण ऐसे आयोजनों में भारी रुचि देखने को मिलती है।

फ्रीमोंट हिंदू मंदिर उत्तरी कैलिफोर्निया में भारतीय अमेरिकियों का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां हिंदू त्योहारों और भारत से जुड़े महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर नियमित रूप से बड़े आयोजन होते हैं।

गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर भगवान राम के जन्मस्थान माने जाने वाले स्थल पर स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद जनवरी 2024 में मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह हुआ था। तब से मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। विदेशों में बसे हिंदू समुदायों के लिए भी राम मंदिर की वर्षगांठ अब प्रार्थना, चिंतन और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गई है।

Comments

Related