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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की गुरुनानक फेलोशिप डॉ. जसकिरण भोगल को, सिख धर्म पर करेंगी शोध

इस अध्ययन से यह जानने को मिलेगा कि पंजाब की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को ब्रिटिश प्रवासी किस तरह अभी भी अपनाए हुए हैं।

 डॉ. भोगल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी और पीएचडी की है।  डॉ. भोगल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी और पीएचडी की है। / Image : LinkedIn

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वोल्फसन कॉलेज ने भारतीय मूल की डॉ. जसकिरण कौर भोगल को अपनी नई गुरुनानक स्टाइपेंडरी रिसर्च फेलोशिप प्रदान करने का निर्णय लिया है। 

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मानव विज्ञान में एमएससी और पीएचडी कर चुकीं डॉ. भोगल की यह फेलोशिप अगले साल फरवरी में शुरू होगी। इसे ब्रिटेन में रहने वाले पंजाबी सिख समुदाय के सहयोग से चलाए गए धन फंडरेजिंग कैंपेन के जरिए संभव बनाया गया है। 

वोल्फसन कॉलेज द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस फेलोशिप के तहत डॉ. भोगल सिख समुदाय की विरासत संरक्षण परंपरा के शोध पर ध्यान केंद्रित करेंगी। उनका प्रोजेक्ट इस पर शोध करेगा कि ब्रिटेन में रहने वाले सिख परिवार अपने यहां बच्चे के जन्म, पालन-पोषण और होममेकिंग के दौरान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को किस तरह आगे बढ़ा रहे हैं। 

गुरुनानक साहिब की परंपराओं और शिक्षाओं से प्रेरित डॉ भोगल के शोध का उद्देश्य इस तथ्य को रेखांकित करना है कि सिख परिवार अपने घरों और रोजमर्रा की जिंदगी में किस तरह सिख परंपराओं को अपनाते हैं। 

इस अध्ययन से यह जानने को मिलेगा कि पंजाब की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को ब्रिटिश प्रवासी किस तरह अभी भी अपनाए हुए हैं और अपनी अगली पीढ़ियों में कैसे पहुंचाकर सुरक्षित रख रहे हैं।

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