कृष्णा वविलाला सम्मानित / Courtesy of Krishna Vavilala
इंडो-अमेरिकन समुदाय के प्रमुख नेता कृष्णा वविलाला को 17 से 19 जनवरी के बीच ह्यूस्टन में आयोजित पहले एमएलके ग्रांडे यूनिटी गाला और एमएलके यूनिटी परेड के दौरान सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सामुदायिक सहभागिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया।
रेव. मार्टिन लूथर किंग जूनियर की विरासत को समर्पित इन आयोजनों के दौरान एक नई छात्रवृत्ति पहल की भी शुरुआत की गई, जिसमें ‘कृष्णा और लक्ष्मी वविलाला स्कॉलरशिप’ शामिल है। यह छात्रवृत्ति टेक्सास सदर्न यूनिवर्सिटी के छात्रों और इंडिया स्टडीज प्रोग्राम में नामांकित विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान करेगी।
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इस छात्रवृत्ति पहल में एमएलके ग्रांडे परेड के सीईओ डॉ. चार्ल्स स्टैम्प्स, ‘नो सिस्टर लेफ्ट बिहाइंड’ की संस्थापक डॉ. लिनेट रेडिक्स और फाउंडेशन फॉर इंडिया स्टडीज के संस्थापक एवं चेयरमैन कृष्णा वविलाला ने मिलकर काम किया। आयोजकों के अनुसार, यह पहल शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग को मजबूत करने की व्यापक सोच का हिस्सा है।
कृष्णा वविलाला / Vavilalaकृष्णा वविलाला को ‘एमएलके लिविंग द ड्रीम’ सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने अपनी पत्नी लक्ष्मी वविलाला के साथ घोड़ा-गाड़ी में सवार होकर एमएलके यूनिटी परेड में भी भाग लिया। परेड में एकता, सार्वजनिक सेवा और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की विचारधारा को प्रमुखता से दर्शाया गया।
सम्मान स्वीकार करते हुए वविलाला ने कहा कि भारतीय और अश्वेत समुदायों के बीच संबंध कोई नया नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के दर्शन से प्रेरित मार्टिन लूथर किंग के विचारों का उल्लेख करते हुए इसे दोनों समुदायों के बीच ऐतिहासिक सेतु बताया। उन्होंने कहा, “भारतीय समुदाय और अश्वेत समुदाय के बीच पुल पहले से मौजूद है।”
वविलाला ने बताया कि फाउंडेशन फॉर इंडिया स्टडीज वर्षों से एमएलके परेड में भाग लेता रहा है, ताकि इन संबंधों को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि दोनों समुदाय परिवार, मूल्यों और ऐसे समाज के सपने में विश्वास रखते हैं, जहां बच्चों को नस्ल नहीं, चरित्र के आधार पर आंका जाए।
उन्होंने यह सम्मान उन लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने “खामोशी के बजाय संवाद और सुविधा के बजाय जुड़ाव” को चुना। आयोजकों ने बताया कि एमएलके ग्रांडे यूनिटी गाला को भविष्य में एक वार्षिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका केंद्र बिंदु एकता, नागरिक सहभागिता और सामाजिक समरसता रहेगा।
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