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पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सिखों का उत्पीड़न, भारत ने जताई चिंता

विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों खासकर सिखों पर अत्याचार हो रहे हैं।

 विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने संसद में  बयान दिया। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने संसद में बयान दिया। / X @KVSinghMPGonda

भारत ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सिख समुदाय पर हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने दोनों देशों से अपनी अल्पसंख्यक आबादी के अधिकारों और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है।  

विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने संसद में कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सिख समुदाय के सदस्यों के उत्पीड़न की खबरों पर नियमित रूप से नजर रखती है।

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मंत्री ने पाकिस्तान में सिखों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया जिसमें जबरन शादियां, धर्म परिवर्तन, धमकियां और सिख धर्मस्थलों का अपमान शामिल है। भारत ने ये मसले पाकिस्तान सरकार के साथ कूटनीतिक चैनलों के जरिए भी उठाए हैं।  

कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों खासकर सिखों पर अत्याचार हो रहे हैं। धमकियां देना, जबरन धर्म परिवर्तन करवाना, उनके धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना आदि आम हो गया है। भारत सरकार ने ये मामले पाकिस्तान के साथ डिप्लोमैटिक तरीके से उठाए हैं और संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने और धार्मिक हिंसा खत्म करने की मांग की है।  

अफगानिस्तान के मामले में कीर्तिवर्धन सिंह ने 2021 में 74 सिख और हिंदू समुदाय के लोगों को निकालने के भारत के प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा कि साल 2021 में अफगानिस्तान में सुरक्षा के हालात खराब होने पर भारत सरकार ने ऑपरेशन देवी शक्ति चलाया था और स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए 74 सिखों और हिंदुओं को सुरक्षित निकाला था।

भारत ने कहा कि वह अपने दूतावासों के जरिए विदेशी सरकारों के साथ संपर्क में रहेगा ताकि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इन मुद्दों को उठाता रहेगा।  

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