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ह्यूस्टन का सनातन समुदाय मना रहा है दिवाली उत्सव, गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे संबोधित

ह्यूस्टन का सनातन समुदाय एक भव्य दिवाली समारोह मना रहा है। यह अयोध्या में राम मंदिर के ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के बाद पहली दिवाली है। अरुण मुंद्रा, ह्यूस्टन सनातन टीम और VHPA (विश्व हिंदू परिषद) ने स्थानीय मंदिरों को समारोहों में शामिल होने के लिए न्योता दिया है।

अयोध्या में राम मंदिर के ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के बाद पहली दिवाली है। / Pexels

एक ऐतिहासिक घटना में, 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलला की प्रतीक्षित स्थापना एक भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह में संपन्न हुई। इसका नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने किया। यह एक बड़ा आध्यात्मिक कार्यक्रम था जो दुनिया भर में मनाया गया। इस महत्वपूर्ण घटना का विश्व भर में सनातन समुदाय के अंदर गहरी गूंज आज भी कायम है। इसमें मेट्रो ह्यूस्टन में मंदिरों का जीवंत नेटवर्क भी शामिल है।

ह्यूस्टन का सनातन समुदाय एक भव्य दिवाली समारोह मना रहा है। यह अयोध्या में राम मंदिर के ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के बाद पहली दिवाली है। अरुण मुंद्रा, ह्यूस्टन सनातन टीम और VHPA (विश्व हिंदू परिषद) ने स्थानीय मंदिरों को समारोहों में शामिल होने के लिए न्योता दिया है। संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस अंतरराष्ट्रीय दशहरा दिवाली कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं।

यह अगस्त में स्टैच्यू ऑफ यूनियन (SOU) में 90 फीट की अभय हनुमान प्रतिमा की प्रतिष्ठा की याद दिलाता है। पुजारियों और मंदिरों का सम्मान करने के लिए एक रथयात्रा भी निकाली गई थी, जिससे सनातन समुदायों में एकता को बढ़ावा मिला।

मुख्य आकर्षण आयोध्या स्थित रामलला की प्रतिमा की तरह ही एक जीवंत रामलला की मूर्ति है। / Arun Mundra

ये समारोह 19 अक्टूबर से शुरू हो चुका है और 3 नवंबर तक चलेंगे। इसमें पारंपरिक नृत्य, फ़ूड फेयर, आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में से एक मुख्य आकर्षण आयोध्या स्थित रामलला की प्रतिमा की तरह ही एक जीवंत रामलला की मूर्ति है, जो श्री सीताराम फाउंडेशन द्वारा लाया गया है। ISKCON, BAPS, श्री मीनाक्षी मंदिर और कई अन्य स्थानों पर कार्यक्रम हो रहे हैं। इनमें दिवाली मेला, रावण दहन और राम लीला शामिल है।

हैरिस और फोर्ट बेंड काउंटियों ने आतिशबाजी की अनुमति दे दी है, जिससे त्योहारों का महौल और भी ज्यादा जीवंत हो गया है। ये समारोह 2 नवंबर को अन्नकूट के साथ समाप्त होंगे।

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