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पीयूष गोयल का प्रवासी भारतीयों को संदेश, जहां भी रहें, थोड़ा सा भारत अपने साथ रखें

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बेल्जियम और लक्जमबर्ग के अपने दौरे के दौरान प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और उन्हें भारत के विकास में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा कि प्रवासी भारतीय, भारत के सबसे मजबूत ब्रांड एंबेसडर हैं।

गोयल ने 20 जनवरी को बेल्जियम की केयू लूवेन यूनिवर्सिटी में छात्रों और वरिष्ठ फैकल्टी समेत भारतीय समुदाय से मुलाकात की। / X

भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रवासी भारतीय 'भारत के सबसे मजबूत ब्रांड एंबेसडर' हैं। गोयल बेल्जियम और लक्जमबर्ग के दौरे पर हैं। 20 जनवरी को अपने दौरे के दौरान गोयल ने बेल्जियम की केयू लूवेन यूनिवर्सिटी में छात्रों और वरिष्ठ फैकल्टी समेत भारतीय समुदाय से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। 

प्रवासी भारतीय छात्रों को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, 'आप में से कुछ घर वापस आकर अपना काम शुरू करना चाहेंगे।नए आइडियाज पर काम करना चाहेंगे। भारत में रहने की संभावना को भी अपनाना चाहेंगे। लेकिन यदि आप में से जो भी जहां हैं वहीं रहने और जो भी मौके मिलें उनको भुनाने का फैसला करते हैं। याद रखें कि खुद के प्रति ईमानदार रहें। चाहे आप कहीं भी जाएं या जो भी करें, थोड़ा सा भारत अपने साथ रखें, अपने दिमाग में और अपने दिल में।' 

उन्होंने छात्रों से वंचित लोगों के बारे में सोचने और उनकी मदद करने का भी आग्रह किया। गोयल ने कहा, 'उन बच्चों के बारे में भी सोचें जिन्हें अच्छी शिक्षा या समान अवसर नहीं मिले हैं। सोचें कि आप कैसे मदद कर सकते हैं। हो सकता है कि आप अपने गांव के किसी बच्चे को केयू लूवेन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकें। या किसी ऐसे होनहार छात्र की पहचान करने में मदद कर सकें जो पीएचडी प्रोग्राम में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।' 

बातचीत के दौरान उन्होंने पिछले एक दशक में भारत की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला, जो संरचनात्मक सुधारों, इनोवेशन और निर्णायक नेतृत्व से चिह्नित है। 

अपने दौरे के बारे में गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'बेल्जियम के @KU_Leuven विश्वविद्यालय में भारतीय छात्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। इसमें वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। मैंने पिछले एक दशक में संरचनात्मक सुधारों, इनोवेशन और निर्णायक नेतृत्व से प्रेरित भारत की उल्लेखनीय वृद्धि के बारे में बात की। छात्रों से आग्रह किया कि वे अमृत काल के दौरान इस सफलता की कहानी का हिस्सा बनें। साथ ही, छात्रों के सवालों का जवाब दिया, जिनमें भारत की अर्थव्यवस्था, कारोबार को आसान बनाना, सतत विकास और व्यापार समझौते शामिल थे।'

 

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