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लंबे समय में सुरक्षित और मोटा मुनाफा चाहते हैं? भारत में ये सरकारी योजनाएं बेस्ट ऑप्शन

जानकारों के मुताबिक, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) एक ऐसी योजना है, जो खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहते हैं।

भारतीय रुपया / File Photo/IANS

आज के समय में निवेश के सही विकल्प चुनना हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी हो गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो बचत के साथ अच्छा रिटर्न और सुरक्षा भी चाहते हैं। भारत में कई ऐसी सरकारी निवेश योजनाएं हैं जो न केवल सुरक्षा और भरोसा देती हैं, बल्कि निश्चित रिटर्न और टैक्स लाभ भी प्रदान करती हैं। इन योजनाओं की खासियत यह है कि यह जोखिम-मुक्त या कम जोखिम वाली हैं, इसलिए ये लंबे और मध्यम समय में मोटी राशि तैयार करने के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।  

जानकारों के मुताबिक, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) एक ऐसी योजना है, जो खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहते हैं। एससीएसएस में निवेश पर वर्तमान में लगभग 8.2 प्रतिशत के करीब ब्याज मिलता है और यह तिमाही आधार पर सीधे बैंक खाते में जमा होता है। इसकी खास बात यह है कि यह पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली योजना है, इसलिए निवेशकों को अपने मूलधन की सुरक्षा की चिंता नहीं रहती। साथ ही, धारा 80सी के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है, जिससे टैक्स बोझ कम होता है। पांच साल की अवधि में रखे गए निवेश पर मिलने वाला यह ब्याज निश्चित रूप से मध्यम और वरिष्ठ निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प है।

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अगली प्रमुख योजना है पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ)। यह भारत सरकार द्वारा समर्थित बचत योजना है, जो 15 साल की अवधि के लिए होती है और इसमें निवेश पर मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री होता है। पीपीएफ में न केवल आपका मूलधन सुरक्षित रहता है, बल्कि दीर्घकालिक निवेश के लिए यह सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की शिक्षा या भविष्य की बचत के लिए पीपीएफ का इस्तेमाल निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है, क्योंकि इसे 80सी टैक्स लाभ के रूप में भी शामिल किया जा सकता है।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) 5 साल की अवधि वाली सरकारी बचत योजना है, जिसमें लगभग 7.7 प्रतिशत के करीब ब्याज मिलता है। एनएससी में निवेश पर भी 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है, जिससे टैक्स लाभ के साथ ही अपनी पूंजी को भी बढ़ाने का मौका मिलता है। यह योजना उन निवेशकों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जो मध्यम अवधि में सुरक्षित और सुनिश्चित रिटर्न चाहते हैं, और बाजार जोखिम से बचना चाहते हैं।

एक और योजना जो निवेशकों के बीच लोकप्रिय है, वह है पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना (एमआईएस)। इसमें निवेश करने पर हर महीने सुनिश्चित ब्याज मिलता है, जो खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें नियमित मासिक आय की जरूरत होती है। इसमें वर्तमान में लगभग 7.4 प्रतिशत के आस-पास ब्याज की दर मिलती है और पैसा भी सरकार की गारंटी के अंतर्गत सुरक्षित रहता है। इस योजना से रिटायरमेंट के बाद या नियमित खर्चों के लिए निश्चित आय की पूर्ति आसान होती है।

सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) भी निवेश के लिहाज से बेहतरीन विकल्प है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके घर में लड़की है। इस योजना में निवेश पर मिलने वाला ब्याज फिलहाल 8.2 प्रतिशत है, जो अन्य योजनाओं से काफी ज्यादा है, साथ ही यह टैक्स-फ्री रिटर्न देता है। एसएसवाई का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह न केवल निवेश को सुरक्षित रखती है, बल्कि बेटी के भविष्य की शिक्षा, विवाह जैसे खर्चों के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार भी प्रदान करती है।

जानकारों का कहना है कि ये सरकारी योजनाएं निवेश के लिए सुरक्षा, टैक्स लाभ और निश्चित रिटर्न जैसी सुविधाओं के साथ बेहतरीन विकल्प पेश करती हैं। हालांकि निवेश की दुनिया में जोखिम और लाभ पर निर्णय लेने से पहले इन सरकारी योजनाओं को समझना हर निवेशक के लिए जरूरी है।

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