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GovCon: मनीष अग्रवाल करते रहे भविष्य का आविष्कार ...और टिकाऊ निर्माण

35 दिनों की सरकारी बंदी के दौरान अग्रवाल ने हर कर्मचारी को पूरा वेतन दिया। उन्होंने कहा कि हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन आप जो देते हैं वह 10 गुना बढ़कर वापस मिलता है।

मनीष अग्रवाल / Indian American Business Impact Group

जब मनीष अग्रवाल इंडियन अमेरिकन बिजनेस इम्पैक्ट ग्रुप (IAMBIG) के वार्षिक गॉवकॉन (GovCon) शिखर सम्मेलन में मंच पर आए तो उन्होंने कोई शानदार विजयगाथा नहीं सुनाई। उनके पास जख्म थे- अनुबंधों के नुकसान, दिवालिया होने की कगार पर पहुंचने के हालात और उस दृढ़ता की कहानियां थीं जिनके दम पर उन्होंने 40 मिलियन डॉलर के स्टार्टअप को 400 मिलियन डॉलर की सफलता की कहानी में बदल दिया।

मैकलीन के बॉलरूम में सन्नाटा छा गया जब मनीष अग्रवाल, KPMG के पूर्व पार्टनर और अब एक प्रतिष्ठित GovCon रणनीतिकार, ने अपनी यात्रा का वर्णन करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता था कि मैं काफी हद तक सफल हूं। मैंने 16 देशों में काम किया और फिर अपनी कंपनी शुरू की। और लगभग सब कुछ खो दिया।

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