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मालविका चौधरी
भारतीय अमेरिकी कांग्रेसमैन श्री थानेदार / Wikimedia commons
ने 20 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत न्याय विभाग द्वारा 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के डेट्रॉइट के मतपत्र सौंपने की मांग की कड़ी निंदा की और इसे असंवैधानिक तथा राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
एक बयान में थानेदार ने कहा कि प्रस्तावित संघीय कार्रवाई डेट्रॉइट की राजनीतिक शक्ति छीनने की नस्लीय और राजनीतिक रूप से प्रेरित कोशिश है और चेतावनी दी कि यह चुनाव से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करेगी।
थानेदार ने कहा कि डेट्रॉइट के लोगों को भी उतनी ही राजनीतिक स्वायत्तता का अधिकार है जितना किसी और को है और ट्रंप का इसे छीनने का प्रयास शर्मनाक है। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान चुनाव कराने का अधिकार राज्यों को देता है और किसी भी संघीय प्रयास द्वारा मतपत्र जब्त करना इन अधिकारों का अतिक्रमण होगा।
थानेदार ने कहा कि संविधान पूरी तरह स्पष्ट है कि राज्य ही तय करते हैं कि वे अपने चुनाव कैसे कराते हैं और अपने इलेक्टोरल वोट किसे देते हैं। डोनाल्ड ट्रंप को डेट्रॉइट से मतपत्र सौंपने के लिए मजबूर करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने इस कदम को मतदाताओं को डराने और मतदान प्रतिशत को कम करने की कोशिश बताया और इसे संविधान के इलेक्टर्स क्लॉज का गंभीर उल्लंघन कहा।
थानेदार ने यह भी आरोप लगाया कि डेट्रॉइट को उसकी जनसंख्या संरचना और मतदान पैटर्न के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि शहर में बड़ी अश्वेत आबादी है और हाल के चुनावों में उसने लगातार ट्रंप के खिलाफ मतदान किया है।
उन्होंने कहा कि मैं डेट्रॉइट के अन्य नेताओं के साथ मिलकर इस बेतुके हमले से अपने शहर की रक्षा करूंगा और हमारे लोकतंत्र को सुरक्षित रखूंगा।
मिशिगन की गवर्नर ग्रैचेन विटमर, अटॉर्नी जनरल डाना नेसेल और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोसलिन बेंसन ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए इसे संघीय हस्तक्षेप और चुनावों में भरोसा कमजोर करने की कोशिश बताया।
यह मांग अमेरिकी न्याय विभाग के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत प्रमुख स्विंग राज्यों से चुनावी सामग्री हासिल करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने मिशिगन के वेन काउंटी, जिसमें डेट्रॉइट शामिल है, से मतपत्र, लिफाफे और संबंधित रिकॉर्ड मांगे हैं, जिसे वे चुनाव की पारदर्शिता की जांच बता रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस मांग में लगभग 8,65,000 मतपत्र शामिल हैं और यह जॉर्जिया और एरिज़ोना में किए गए इसी तरह के प्रयासों के बाद आई है जहां पहले के चुनावों से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे गए थे।
इस मांग में यह चेतावनी भी शामिल है कि अगर इसका पालन नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिससे संघीय और राज्य सरकारों के बीच चुनाव प्रक्रिया के नियंत्रण को लेकर तनाव और बढ़ गया है।
थानेदार की यह टिप्पणी ट्रंप के साथ पहले के टकरावों के बीच आई है। अप्रैल 2025 में उन्होंने राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग के सात आरोप पेश किए थे, जिनमें न्याय में बाधा, सत्ता का दुरुपयोग, रिश्वत और भ्रष्टाचार शामिल थे। हालांकि यह प्रयास आगे नहीं बढ़ सका और सदन में मतदान से पहले ही वापस ले लिया गया।
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