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न्यूयॉर्क में ICE गिरफ्तारियों पर रोक का ममदानी ने किया समर्थन

ममदानी ने कहा कि अदालतों में की जाने वाली ये कार्रवाई डर फैलाती थी और हमारी न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर करती थी। कल के फैसले ने जवाबदेही वापस लाई है और साफ कर दिया है कि अदालतों को डराने-धमकाने के औजार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

 NYC मेयर जोहरान ममदानी NYC मेयर जोहरान ममदानी / Wikimedia commons

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने हाल ही में आए उस संघीय अदालत के फैसले का स्वागत किया है जिसमें अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट यानी ICE अधिकारियों को मैनहट्टन की इमिग्रेशन अदालतों में लोगों को गिरफ्तार करने से रोका गया है। ममदानी ने इस फैसले को ICE की क्रूरता के खिलाफ फैसला बताया है। 

यह अस्थायी राहत 19 मई को जज केविन कैस्टल द्वारा दिए गए स्टे ऑर्डर के रूप में आई। यह फैसला अदालतों के अंदर होने वाली गिरफ्तारियों को लेकर लगभग एक साल से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद आया है। न्यूयॉर्क की इमिग्रेशन अदालतें लंबे समय से ऐसे स्थान मानी जाती रही हैं जहां ICE अधिकारी बिना जरूरी दस्तावेज वाले प्रवासियों को आसानी से गिरफ्तार कर लेते थे।

ट्रंप प्रशासन से जुड़े कई लोग इस कार्रवाई का समर्थन करते रहे हैं और कहते हैं कि यह सिर्फ उन लोगों की गिरफ्तारी है जो अवैध रूप से देश में रह रहे हैं। अदालत के आदेश के तहत अब ICE अधिकारियों को 26 फेडरल प्लाजा, 201 वारिक स्ट्रीट और 290 ब्रॉडवे स्थित अदालतों के अंदर अधिकांश प्रवासियों को निशाना बनाकर गिरफ्तार करने से रोका गया है।

हालांकि आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर मामला सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो तो विशेष परिस्थितियों में गिरफ्तारी की जा सकती है। ममदानी ने इस फैसले को न्यूयॉर्क के प्रवासी समुदायों की जीत बताया और कहा कि इस फैसले से यह सुनिश्चित होगा कि लोग न्याय मांगने या कानून का पालन करने के दौरान गिरफ्तारी के डर में न जिएं।

ममदानी ने कहा कि अदालतों में की जाने वाली ये कार्रवाई डर फैलाती थी और हमारी न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर करती थी। कल के फैसले ने जवाबदेही वापस लाई है और साफ कर दिया है कि अदालतों को डराने-धमकाने के औजार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। न्यूयॉर्क सिटी, ICE की क्रूरता के खिलाफ, प्रवासी न्यूयॉर्कवासियों के साथ खड़ी रहेगी।

जज कैस्टल का यह फैसला न्यूयॉर्क सिविल लिबर्टीज यूनियन, अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन, मेक द रोड न्यूयॉर्क और अन्य संगठनों द्वारा दायर मुकदमे के जवाब में आया है। 19 मई का यह आदेश उस समय आया जब मार्च 2026 में अमेरिकी सरकार के वकीलों ने अदालत को बताया कि उन्होंने पहले ICE की अदालत गिरफ्तारी नीति को लेकर गलत जानकारी दी थी।

उन्होंने माना कि 2025 की ICE गाइडलाइन वास्तव में इमिग्रेशन अदालतों में गिरफ्तारी पर लागू ही नहीं होती थी, जबकि ICE अधिकारियों ने वकीलों को बार-बार यही बताया था।

इसी के आधार पर अदालत ने कहा कि 21 जनवरी 2025 की अंतरिम गाइडलाइन और 27 मई 2025 की अंतिम गाइडलाइन को रोका जाता है क्योंकि उन्होंने 27 अप्रैल 2021 की उस नीति को खत्म कर दिया था जो अदालतों के अंदर या आसपास सिविल इमिग्रेशन कार्रवाई को सीमित करती थी।

जज ने अपने फैसले में कहा कि अंतिम निर्णय आने तक यह रोक जनहित में है क्योंकि इससे अप्रैल 2021 की नीति को मनमाने और तर्कहीन तरीके से खत्म करने से रोका जा सकेगा, खासकर इमिग्रेशन अदालतों में।

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