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जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए USTDA और USISPF ने की सार्थक चर्चा

इस दौरान राजदूत गार्सेटी ने कहा कि जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा नायकों के रूप में अमेरिका और भारत इस महत्वपूर्ण दशक के दौरान बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए साझा दृष्टिकोण रखते हैं।

बैठक के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी / Image : USTDA

अमेरिकी व्यापार और विकास एजेंसी (USTDA) ने 27 मार्च को नई दिल्ली में यूएस-इंडिया क्लाइमेट टेक्नोलॉजीज एक्शन ग्रुप (CTAG) फोरम की मेजबानी की। मंच का प्राथमिक उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और टिकाऊ, कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ने में दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना था। फोरम में भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी सहित प्रतिष्ठित हस्तियों के अलावा ऊर्जा के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 100 हितधारकों ने अपनी रुचि दर्शायी। 

सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने भारत के उभरते ऊर्जा परिदृश्य, टिकाऊ ईंधन को बढ़ावा देने, औद्योगिक उपयोग के लिए प्रभावी जल प्रबंधन रणनीतियों, ऊर्जा विकास में महिलाओं की भूमिका और क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की। टिकाऊ भविष्य को आकार देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी अभूतपूर्व प्रौद्योगिकियों को लेकर भी बैठक में विमर्श किया गया। 

इस दौरान राजदूत गार्सेटी ने कहा कि जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा नायकों के रूप में अमेरिका और भारत इस महत्वपूर्ण दशक के दौरान बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए साझा दृष्टिकोण रखते हैं। हम उत्सर्जन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं, निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ मिलकर अर्थव्यवस्था-व्यापी कार्बन कमी की दिशा में आगे बढ़ रहे काम कर रहे हैं और विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के लिए उपयुक्त वैश्विक प्रयासों में उत्प्रेरक के रूप में काम कर सकते हैं।



USTDA और USISPF के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास के रूप में यह फोरम महत्वपूर्ण पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए अंतर्दृष्टि साझा करने, संवाद को बढ़ावा देने और साझेदारी बनाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष के अंत में अमेरिका में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने की योजना पर काम चल रहा है ताकि मेहमानों को मीथेन में कमी, कार्बन कैप्चर और भंडारण तथा शुद्ध-शून्य हाइड्रोजन सहित उत्सर्जन में कमी के अमेरिकी नवाचारों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल सके। 

USTDA निदेशक एनोह टी. एबोंग ने कहा कि वैश्विक जलवायु संकट से निपटने के लिए मजबूत साझेदारी और तकनीकी नवाचारों को संगठित करने की आवश्यकता है। वास्तव में यही CTAG और इस फोरम का उद्देश्य है। स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विकास और उपयोग में तेजी लाने के लिए अमेरिका-भारत साझेदारी वैश्विक उत्सर्जन में कमी के हमारे साझा लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है। 

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