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अमेरिका-भारत के बीच औद्योगिक रक्षा साझेदारी कैसे बढ़ाएं, INDUS-X समिट में मंथन

सम्मेलन के दौरान उन्नत सैन्य क्षमताओं के सह-उत्पादन, रक्षा प्रौद्योगिकी विकास के लिए नई फंडिंग और अमेरिका-भारत के बीच सैन्य क्षमताओं को मजबूत बनाने पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई।

शिखर सम्मेलन में अमेरिकी डीआईयू और भारत के डीआईओ के बीच एमओयू भी किया गया। / USISPForum/X

अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) और भारत के रक्षा मंत्रालय (MoD) के तत्वावधान में तृतीय भारत-अमेरिका डिफेंस एक्सेलेरेशन इकोसिस्टम (INDUS-X) शिखर सम्मेलन का आयोजन सिलिकॉन वैली में किया गया। 

अमेरिका-भारत सामरिक साझेदारी मंच (USISPF) और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा सह-आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य टेक्नोलोजी एंड मैन्यूफैक्चरिंग इनोवेशन पर फोकस करते हुए दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना था।

सम्मेलन के दौरान प्रमुख रूप से उन्नत सैन्य क्षमताओं के सह-उत्पादन, रक्षा प्रौद्योगिकी विकास के लिए नई फंडिंग और अमेरिका-भारत के बीच सैन्य क्षमताओं को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने स्वतंत्र एवं खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

सम्मेलन के उल्लेखनीय वक्ताओं में अमेरिकी उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल और अमेरिकी अंतरिक्ष कमान के कमांडर जनरल स्टीफन व्हिटिंग शामिल थे जिन्होंने अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग पर रणनीतिक दृष्टिकोण प्रदान किया।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के हूवर इंस्टीट्यूट के निदेशक कोंडोलीज़ा राइस ने इस मौके पर कहा कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों का किसी दल विशेष से नाता नहीं हैं। ये संबंध स्थायी हैं। जनवरी 2025 में जो कोई भी व्हाइट हाउस में बैठेगा, उसे एहसास होगा कि ये सबसे महत्वपूर्ण संबंध हैं।

शिखर सम्मेलन में अमेरिकी डिफेंस इनोवेशन यूनिट (डीआईयू) और भारत के डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेश (डीआईओ) के बीच एडवांस समझौते के (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत दोनों देशों ने गैर-पारंपरिक प्रक्रियाओं के जरिए रक्षा नवाचार का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई ताकि उनकी सेनाओं को अत्याधुनिक तकनीकों तक अधिक पहुंच मिलती रहे। 

इसके अलावा एक नए आधिकारिक इंडस-एक्स वेबपेज का भी अनावरण किया गया जो निवेशकों, स्टार्टअप्स और हितधारकों के बीच साझेदारी के अवसर मुहैया कराने और कार्यक्रम के विकास में एक संसाधन के रूप में कार्य करेगा। 

कार्यक्रम में परीक्षण संघ INDUSWERX पर भी चर्चा की गई। कंसोर्टियम का उद्देश्य अमेरिका और भारत की प्रमुख रेंज में परीक्षण और प्रयोग की सुविधा प्रदान करना है। इस दौरान इंडस-X के वरिष्ठ सलाहकार समूह और वरिष्ठ नेताओं ने बैठकों में वर्तमान पहलों को विस्तार देने और भविष्य में रक्षा सहयोग के अवसर तलाशने पर भी मंथन किया। 





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