टिक्का ड्राइव / Tikka Drive via Facebook
अमेरिका के एरिजोना राज्य में पहली बार ड्राइव-थ्रू भारतीय रेस्टोरेंट की शुरुआत हुई है।
भारतीय मूल के उद्यमी राहुल साहोता ने एरिजोना के चैंडलर शहर में 'टिक्का ड्राइव' नाम से राज्य का पहला ड्राइव-थ्रू भारतीय रेस्टोरेंट शुरू किया है।
अपनी यात्रा को याद करते हुए राहुल साहोता ने कहा कि 2015 में मैं पंजाब के एक छोटे से गांव से अमेरिका आया था। मुझे अंग्रेजी नहीं आती थी, जेब में पैसे भी नहीं थे। मेरे पास सिर्फ एक सपना था और किसानों की मेहनत करने वाली सोच थी, जो मुझे अपने परिवार से मिली। आज राहुल भारत से मिट्टी के तंदूर मंगवाकर एरिजोना में अपना ड्राइव-थ्रू भारतीय रेस्टोरेंट चला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने एरिजोना में सिर्फ 12 टेबल वाला एक छोटा रेस्टोरेंट खोला था। राहुल ने कहा कि न कोई निवेशक था, न मार्केटिंग। सिर्फ मेहनत, जुनून और हाथ से बना हुआ खाना था।
लेकिन कुछ समय बाद उन्हें एक बात समझ आई। उन्होंने बताया कि हमारे 75 परसेंट ग्राहक रेस्टोरेंट में बैठकर खाना नहीं चाहते थे। वे भारतीय खाना पैक करवाकर ले जाना चाहते थे। यहीं से ड्राइव-थ्रू भारतीय रेस्टोरेंट का विचार आया।
टिक्का ड्राइव ने एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया कि हमने जानबूझकर अपना मेन्यू छोटा रखा है। हमारे पास सिर्फ छह मुख्य व्यंजन हैं क्योंकि हम रेस्टोरेंट में फ्रीजर या माइक्रोवेव का इस्तेमाल नहीं करते। यहां हर चीज ताजा बनाई जाती है और कभी भी जमे हुए खाने (फ्रोजन फूड) परोसा नहीं जाता।
रेस्टोरेंट ने आगे कहा कि हम भारतीय फूड इंडस्ट्री में नया मानक स्थापित करना चाहते हैं। हमारा खाना घी में पकाया जाता है। हम सीड ऑयल या कृत्रिम फूड कलर का इस्तेमाल नहीं करते। ताजा नान, ताजा नींबू पानी और बिना किसी समझौते के ड्राइव-थ्रू अनुभव देना हमारा लक्ष्य है।
राहुल ने बताया कि ड्राइव-थ्रू सेवा को तेज रखने के लिए उन्होंने मेन्यू को छोटा रखा है। रेस्टोरेंट में फिलहाल छह लोकप्रिय भारतीय व्यंजन मिलते हैं जिनमें चिकन टिक्का मसाला, चिकन करी, बटर चिकन, चिकन कोरमा, पनीर टिक्का मसाला और मिक्स वेजिटेबल शामिल हैं। इसके अलावा दो तरह के नान भी उपलब्ध हैं सादा नान और गार्लिक नान।
राहुल साहोता ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने ड्राइव-थ्रू भारतीय रेस्टोरेंट के लिए निवेश जुटाने की कोशिश की, तो उन्हें कई बार इंकार का सामना करना पड़ा।
राहुल ने कहा कि लेकिन मुझे अपने विचार पर भरोसा था। मुझे अपने मिशन पर भरोसा था और सबसे ज्यादा खुद पर भरोसा था। इसी वजह से मैंने कभी हार नहीं मानी।
उन्होंने आगे कहा कि मेरे लिए टिक्का ड्राइव सिर्फ एक रेस्टोरेंट नहीं है। यह इस बात का सबूत है कि लगातार मेहनत, विश्वास और हार न मानने का जज्बा किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकता है। यही मेरी अमेरिकी सपने की कहानी है।
राहुल साहोता ने 'टिक्का ड्राइव बिजनेस क्लब' नाम से एक गैर-लाभकारी संस्था (नॉन-प्रॉफिट) भी शुरू की है जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी के उद्यमियों की मदद करना और उनका मार्गदर्शन करना है।
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