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HCF ने पूजा स्थलों के पास विरोध प्रदर्शन सीमित करने के ओटावा प्रस्ताव का स्वागत किया

अपने समर्थन में HCF ने एक्स पर कहा कि हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन ओटावा शहर के 50 मीटर के बबल जोन बायलॉ के कदम का स्वागत करता है, जो चिन्हित सामुदायिक स्थलों की सुरक्षा के लिए है।

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हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन ने ओटावा सिटी कमेटी के ‘बबल बायलॉ’ के पक्ष में दिए गए वोट का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि यह फैसला धार्मिक और सामुदायिक स्थलों तथा सेवाओं को बाधा से बचाने में मदद करेगा।

सिटी कमेटी ने 17 अप्रैल को 15-2 से वोट करते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत स्कूलों, अस्पतालों और पूजा स्थलों के पास विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए काउंसिल के पास भेजा गया है।

सात घंटे की लंबी बहस के बाद लिया गया यह फैसला व्यक्ति के विरोध के अधिकार और समुदाय के पूजा करने तथा सेवाओं तक पहुंच के अधिकार के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है।

अपने समर्थन में HCF ने एक्स पर कहा कि हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन ओटावा शहर के 50 मीटर के बबल जोन बायलॉ के कदम का स्वागत करता है, जो चिन्हित सामुदायिक स्थलों की सुरक्षा के लिए है।

प्रस्तावित कानून के महत्व पर संगठन ने कहा कि कई वर्षों से कनाडा में हिंदू मंदिरों, सिनेगॉग, चर्च और अन्य धार्मिक स्थलों को डराने-धमकाने, निशाना बनाकर बाधा डालने और चरमपंथी तत्वों के दबाव का सामना करना पड़ा है। इससे उन लोगों में असुरक्षा बढ़ी है जो शांति से पूजा करना और एकत्र होना चाहते हैं।”

HCF ने कहा कि यह कानून चुने गए स्थलों के 50 मीटर के भीतर विरोध, उत्पीड़न और बाधा डालने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाएगा। संगठन ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया कि जिससे पूजा स्थल और सामुदायिक सेवाएं सुरक्षित, स्वागतपूर्ण और बिना किसी दबाव के बनी रहेंगी। संगठन ने अन्य धार्मिक समुदायों के साथ एकजुटता जताई और उनके सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार पर जोर दिया।

उसने कहा कि यह कनाडाई नागरिकों के अपने धर्म का पालन बिना डर के करने के अधिकार की रक्षा करने के बारे में है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि मतभेद या राजनीतिक मुद्दों का असर आम श्रद्धालुओं पर न पड़े।

यह वोट ऐसे समय आया है जब हाल ही में ब्रैम्पटन और सरे में दो हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया था। यह घटनाएं उस समय हुईं जब कनाडा की संसद ने बिल सी-9 पारित किया था, जिसका उद्देश्य पूजा स्थलों के सामने प्रदर्शन पर रोक लगाना है। यह बिल फिलहाल कनाडाई सीनेट में विचाराधीन है।

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