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The Bengal Files: पूरब में क्यों फैलाया जहर? 500 किताबों का 'सच'

फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' 1946 में बंगाल में 20वीं सदी में हुई कुछ ऐसी प्रमुख घटनाओं की याद दिलाती है, जिसे नई पीढ़ी में लगभग भुला दिया गया।

द बंगाल फाइल्स प्री-रिलीज बैनर /

'The Bengal Files' Movie Review: फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' निर्माता व निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की तीन फिल्मों की सिरीज 'फाइल्स' की अंतिम फिल्म है। जिसमें ब्रिटिश शासन के दौरान एसोसिएटेड हिंसा की परत दर परत पड़ताल की गई है। यह फिल्म वर्ष 1946–47 में भारत के विभाजन के दौरान जनसंहार और सामूहिक हिंसा की त्रासदी की याद दिलाती है। जैसे- जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ साजिशें एक- एक खुलती जाती हैं। 200 मिनट अवधि की इस फिल्म को शुरुआत में समझना थोड़ा मुश्किल जरूर है। दरअसल, यह कुछ ऐसी घटनाओं पर आधारित है, जिसकी जानकारी से लोगों को वर्षों तक दूर रखा गया।

 

'द बंगाल फाइल्स' उत्तर भारत में विभाजन की उन कहानियों को पूर्वी भारत में उससे एक साल पहले घटित घटनाओं के साथ संतुलित करती है। आमतौर पर 20वीं सदी के मध्य के भारत के इतिहास से जितना हम परिचित है, उनमें से ज्यादातर उत्तर-पश्चिमी भारत में हुए खूनी पलायन की कहानी है। जबकि पूर्वी भारत को लेकर तस्वीर धुंधली है। यानी कि यहां घटित होने वाली घटनाओं को प्रमुखता नहीं दी गई।

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