ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

भारत विरोधी पोस्ट के कारण टेक्सस की एक 'उभरती नेता' की निंदा

इन पोस्टों की ऑनलाइन आलोचना हुई, जिसमें उपयोगकर्ताओं ने केली स्मिथ पर भारत विरोधी रूढ़ियों को बढ़ावा देने और टेक्सास में आप्रवासियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

 केली स्मिथ उर्फ प्रिया केली स्मिथ उर्फ प्रिया / X/ @KellyIsRightTX

टेक्सस की एक महिला, जो खुद गवर्नर पद के लिए 'राइट-इन' उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही है, ने सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणियां पोस्ट की हैं, जिन्हें कई उपयोगकर्ताओं ने भारत-विरोधी और राज्य में भारतीय समुदाय के प्रति अपमानजनक बताया है। इसके बाद उनकी व्यापक आलोचना हुई है।

केली स्मिथ ने मंदिर जैसी पृष्ठभूमि में भारतीय परिधान पहने अपनी एक कृत्रिम तस्वीर साझा की, जिसके साथ उन्होंने भारतीय अमेरिकियों और हिंदू सांस्कृतिक प्रथाओं का मजाक उड़ाते हुए एक पोस्ट भी लिखा।

स्मिथ ने लिखा- क्योंकि भारत के लोग खुद को मेरे जितना ही अमेरिकी बताते हैं, इसलिए मैंने भारतीय बनने का फैसला किया है। मेरा नया नाम प्रिया है, लेकिन मैं मंदिर में बर्गर खाऊंगी और जूते पहनूंगी क्योंकि मैं अपनी टेक्सस संस्कृति को नहीं छोड़ सकती। मैं आप सभी की तरह ही भारतीय हूं, मेरा नया नाम इसे साबित करता है। वास्तव में, हम सभी को भारतीय बन जाना चाहिए और मंदिर में स्टेक ग्रिल करना चाहिए।
 



इस पोस्ट पर तुरंत ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रिया हुई, जिसमें कई उपयोगकर्ताओं ने स्मिथ पर नस्लवादी रूढ़ियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। हालांकि आलोचना बढ़ने पर स्मिथ ने पोस्ट का बचाव किया और एक अनुवर्ती संदेश में अपनी टिप्पणी को और तीखा कर दिया।

उन्होंने लिखा कि आप लोग मेरी बर्गर ग्रिल करते हुए एक मजाकिया तस्वीर पर इतना नाराज हो रहे हैं, जबकि टेक्सस के लोग ऐसा ही करते हैं। जरा सोचिए, टेक्सस के लोगों को कैसा लगता होगा जब आप लोग यहां असल जिंदगी में इसका सम्मान नहीं करते। टेक्सस के लोग हर कोने पर भारतीय स्टोर खुलते देख थक चुके हैं, यहां का हर नया शॉपिंग सेंटर भारतीय है!! यह भारत नहीं है! यह हमारे लिए अपमानजनक है।
 



स्मिथ ने भारतीय धार्मिक रीति-रिवाजों का भी जिक्र किया और भारतीयों पर टेक्सस की संस्कृति का सम्मान न करने का आरोप लगाया, जिससे सोशल मीडिया पर आलोचना और बढ़ गई।

एक उपयोगकर्ता ने भारत की जनसंख्या और धार्मिक समुदायों में मौजूद विविधता की ओर इशारा करते हुए जवाब दिया। उपयोगकर्ता ने लिखा कि हां! आप वास्तव में एक भारतीय ईसाई हो सकते हैं। दरअसल, भारतीय ईसाई आबादी, जिन्हें स्टेक बहुत पसंद है, भारत की जनसंख्या का लगभग उतना ही अनुपात है जितना अमेरिका में हिंदुओं का।

एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा कि एक और अज्ञानी व्यक्ति भारत-विरोधी भावना को हवा दे रहा है। एक अलग टिप्पणी में व्यंग्यपूर्वक भारतीय अमेरिकियों से जुड़ी शैक्षणिक और व्यावसायिक उपलब्धियों की सूची दी गई, जिनमें वर्तनी प्रतियोगिता में जीत, उच्च एसएटी स्कोर, एसटीईएम करियर और स्टार्टअप में सफलता शामिल हैं।

अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड

Comments

Related