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न्यूयॉर्क में गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित विशेष संगीत संध्या का आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत न्यूयॉर्क की बहु-विषयक कलाकार प्रीति वर्मा की कलाकृतियों की प्रस्तुति से होगी।

 कार्यक्रम का पोस्टर कार्यक्रम का पोस्टर / Facebook/ Sneh Arts

भारतीय विद्या भवन यूएसए और स्नेह आर्ट्स फाउंडेशन 20 जून को न्यूयॉर्क में भारतीय शास्त्रीय कला और गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं।

एन ईवनिंग ऑफ इंस्पिरेशन नामक यह कार्यक्रम हाल ही में शुरू की गई गुरु-शिष्य परंपरा कॉन्सर्ट श्रृंखला का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय कलाओं की उस परंपरा को सम्मान देना है, जिसमें गुरु अपने शिष्य को ज्ञान और कला का हस्तांतरण करते हैं, साथ ही नई पीढ़ी के कलाकारों को मंच प्रदान करना भी इसका लक्ष्य है।

स्नेह फाउंडेशन के संस्थापक सनी ठक्कर द्वारा तैयार किए गए इस कार्यक्रम में दृश्य कला, लाइव संगीत और कहानी कहने की कला के माध्यम से यह दिखाया जाएगा कि किस तरह कलात्मक ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता है, बदलता है और नए रूप में सामने आता है।

कार्यक्रम की शुरुआत न्यूयॉर्क की बहु-विषयक कलाकार प्रीति वर्मा की कलाकृतियों की प्रस्तुति से होगी। उनकी कला मुख्य रूप से स्मृति, प्रवास, गति और परिवर्तन जैसे विषयों पर आधारित है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादक हिदायत हुसैन खान के नए संगीत एल्बम 24,000 माइल्स का भी लोकार्पण किया जाएगा।

गुरु-शिष्य परंपरा की भावना को आगे बढ़ाते हुए संगीत कार्यक्रम की शुरुआत युवा सितार वादक श्रवण सेन की प्रस्तुति से होगी, जो हिदायत हुसैन खान के शिष्य हैं। उनके साथ तबले पर मानव खुराना संगत करेंगे, जो तबला वादक दिब्यार्का चटर्जी के शिष्य हैं।

आयोजकों के अनुसार, यह प्रस्तुति भारतीय मूल के उभरते कलाकारों को मंच देने के प्रयासों का हिस्सा है। कार्यक्रम का समापन हिदायत हुसैन खान और दिब्यार्का चटर्जी की विशेष प्रस्तुति के साथ होगा।

स्नेह आर्ट्स फाउंडेशन के संस्थापक और कार्यक्रम के क्यूरेटर सनी ठक्कर ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रस्तुति नहीं है, बल्कि उस रचनात्मक शक्ति पर चिंतन है जो पीढ़ियों, विभिन्न कलाओं और मानवीय संबंधों के माध्यम से आगे बढ़ती है।

उन्होंने आगे कहा कि संगीत, दृश्य कला और भारतीय शास्त्रीय परंपराओं को एक साथ लाकर हम ऐसा अनुभव देना चाहते हैं, जिससे दर्शक कला की भावनात्मक और आध्यात्मिक गहराई को महसूस कर सकें।

हाल ही में शुरू की गई गुरु-शिष्य परंपरा कॉन्सर्ट श्रृंखला का उद्देश्य स्थापित उस्तादों और उभरते कलाकारों दोनों को मंच प्रदान करना है, साथ ही भारतीय शास्त्रीय परंपराओं के संरक्षण और विकास में गुरु-शिष्य संबंध की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना भी है।

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