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सिख संस्था ने अनोखे अंदाज में थैंक्सगिविंग मनाया, हजारों लोगों को मुफ्त भोजन कराया

थैंक्सगिविंग भोजन अभियान व्यापक मिशन का हिस्सा है जिसके तहत पिछले 12 वर्षों में संगठन ने पूरे अमेरिका में 10 लाख से अधिक लोगों को मुफ्त भोजन कराया है।

 मुफ्त भोजन अभियान।  मुफ्त भोजन अभियान। / Snapsindia/Mohammed Jaffer

सिख समुदाय के नेतृत्व वाली एक गैर-लाभकारी संस्था लेट्स शेयर ए मील (LSM)) ने इस वर्ष अमेरिका के पांच राज्यों (न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, पेंसिल्वेनिया, मैसाचुसेट्स और कनेक्टिकट) में 80 स्थानों पर 10,000 से अधिक शाकाहारी भोजन तैयार और वितरित करके थैंक्सगिविंग दिवस मनाया। 

इस पहल का समर्थन करने के लिए 700 से अधिक स्वयंसेवक एक साथ आए और मुफ्त भोजन को बेघर लोगों तथा वरिष्ठ आवासों तक पहुंचाया। थैंक्सगिविंग भोजन अभियान LSM के व्यापक मिशन का हिस्सा है जिसके तहत पिछले 12 वर्षों में संगठन ने पूरे अमेरिका में 10 लाख से अधिक लोगों को मुफ्त भोजन कराया है। 

अभियान से जुड़े एक प्रमुख आयोजक ने कहा कि लेट्स शेयर अ मील सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित है जिन्होंने लंगर या सामुदायिक रसोई की अवधारणा की स्थापना की थी। यह परंपरा निस्वार्थ सेवा और समानता के मूल्यों पर आधारित है। यानी बिना किसी भेदभाव के भूखों को खाना खिलाना। चाहे उनकी जाति, धर्म या पृष्ठभूमि कुछ भी हो।

भोजन में ताजा तैयार शाकाहारी व्यंजन शामिल थे जो सिख समुदाय की लंगर परंपरा की पहचान है। व्यापक अमेरिकी समुदाय के सदस्यों सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों के स्वयंसेवकों ने खाना पकाने, उसकी पैकिंग और भोजन वितरित करने में मदद की। 

आयोजकों में से एक सिंह ने इस प्रयास के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को हमारे धर्म के मूल मूल्यों को सिखाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें शांति, सद्भाव और एकता शामिल है। एकता सिर्फ सिखों के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए है क्योंकि दुनिया एक समुदाय है और किसी को भी भूखा या असमान नहीं होना चाहिए।

लंबे समय से स्वयंसेवक रहीं हरलीन कौर ने कार्यक्रम के विकास को लेकर कहा कि मैं 15 वर्षों से अधिक समय से इस अविश्वसनीय प्रयास का हिस्सा रही हूं और यह देखकर मैं बहुत आभारी हूं कि यह कैसे विकसित हुआ है। हर साल, अधिक से अधिक लोग (स्वयंसेवक और दानकर्ता समान रूप से) इसे संभव बनाने के लिए एक साथ आते हैं।

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