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भारत-पाक युद्ध विराम पर कोई मध्यस्थता नहीं, ना ही कोई व्यापार प्रस्ताव: शशि थरूर

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों युद्ध के हालत को टालने में यूएस की भूमिका से शशि थरूर ने इनकार किया। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम की पहल में अमेरिका नहीं शामिल था और ना ही किसी प्रस्ताव की पेशकश की गई।

शशि थरूर और डोनाल्ड ट्रंप /

भारत के राज्य जम्मू कश्मीर के पहलगाम जिले में हुई आतंकी घटना में हिंदुओं के साथ बर्बरता के भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बनाए गए कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। युद्ध की बढ़ती संभावनाओं के बीच दोनों देशों पर वैश्विक अपील का असर हुआ। इस बीच युद्ध विराम के निर्णय को लेकर यूएस की ओर से मध्यस्थता का दावा किया गया। लेकिन भारत में कांग्रेस पार्टी के नेता व सांसद शशि थरूर ने इन दावों को खारिज कर दिया है। 

भारतीय बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेता शशि थरूर ने अमेरिका की इस धारणा को खारिज कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध विराम पर भारत के सहमत होने में अमेरिका की मध्यस्थता या व्यापार का लालच देने की कोई भूमिका थी। शशि थरूर ने कहा, "जब तक वे (पाकिस्तान) आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करते रहेंगे, हम बल की भाषा का इस्तेमाल करेंगे। और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है"।

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