कांग्रेसमैन रो खन्ना / Ro Khanna website
भारतीय अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना ने 14 अप्रैल को अमेरिकी आर्थिक मॉडल में व्यापक बदलाव की मांग की और चेतावनी दी कि घटता जनविश्वास, बढ़ती असमानता और नौकरी की असुरक्षा लोकतांत्रिक संस्थाओं में भरोसे को कमजोर कर रही है।
नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए खन्ना ने कहा कि अमेरिका स्वशासन के संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति संपत्ति के केंद्रीकरण, आर्थिक असुरक्षा और एक जमे हुए अभिजात वर्ग के कारण बनी है। उन्होंने इस वर्ग को एपस्टीन वर्ग कहा है।
कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट नेता रो खन्ना ने कहा कि सरकार पर अविश्वास इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि लोगों को शक्तिशाली वर्ग में भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी दिखाई देती है जबकि व्यापक आर्थिक वृद्धि के बावजूद कई समुदाय उभर नहीं पा रहे हैं।
खन्ना ने कहा कि अमेरिकन ड्रीम अब हमारे कई नागरिकों की पहुंच से बाहर हो गया है और इसके लिए उन्होंने वैश्वीकरण, ऑटोमेशन और आर्थिक केंद्रीकरण को जिम्मेदार ठहराया है। यह लोगों की आजीविका को बदल रहे हैं लेकिन पर्याप्त जवाबदेही नहीं है।
उन्होंने मौजूदा दौर को नया गिल्डेड एज बताते हुए नया आर्थिक राष्ट्रवाद नामक एक नीति ढांचा पेश किया जिसमें घरेलू निवेश, औद्योगिक नीति, कार्यबल विकास और साझा आर्थिक वृद्धि पर जोर दिया गया है। इस प्रस्ताव में वर्क्स प्रोग्रेस एडमिनिस्ट्रेशन के मॉडल पर आधारित एक संघीय रोजगार कार्यक्रम, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को वित्त देने के लिए नेशनल इंडस्ट्रियल बैंक, और एआई व रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए कार्यबल तैयार करने हेतु ट्रेड स्कूल और तकनीकी संस्थानों के विस्तार का सुझाव शामिल है।
खन्ना ने केयर इकोनॉमी यानी चाइल्डकेयर और बुजुर्गों की देखभाल को भी एक सामाजिक प्राथमिकता और स्थिर रोजगार का स्रोत बताया और एआई आधारित अर्थव्यवस्था में लाभ-साझेदारी के माध्यम से कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। इस ढांचे में आर्थिक अधिकारों का बिल भी शामिल है जिसमें सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा, मुफ्त सार्वजनिक कॉलेज और ट्रेड शिक्षा, सब्सिडी वाली चाइल्डकेयर और आवास की वहनीयता से जुड़े उपाय शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए फंडिंग संघीय खर्च के पुनर्विन्यास, रक्षा खर्च में कटौती और अरबपतियों पर कर बढ़ाने से की जा सकती है और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में बदलाव के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि अपना उचित हिस्सा देना देशभक्ति है। यह व्यापार विरोधी नहीं, बल्कि अमेरिका के पक्ष में है।
खन्ना ने कहा कि यह पहल आर्थिक विभाजन को कम करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए है और संघर्ष कर रहे समुदायों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार, व्यवसाय और श्रमिकों के बीच समन्वित प्रयास की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि हमें डर में जीने वाला देश नहीं बनना चाहिए और एक गतिशील सरकार की बात की जो अमेरिकन ड्रीम को फिर से मजबूत कर सके। यह योजना ऐसे समय आई है जब खन्ना ने हाल ही में 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की संभावना पर विचार करने की बात कही है।
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