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मालविका चौधरी
Reshma Saujani / Image-LinkedIn
'गर्ल्स हू कोड' की भारतीय-अमेरिकी सीईओ और 'मॉम्स फर्स्ट' की संस्थापक रेशमा सौजानी, ओलिन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में 2026 का दीक्षांत भाषण देंगी। सौजानी एक वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका हैं। उन्होंने एक दशक से भी अधिक समय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, टेक्नोलॉजी में लैंगिक अंतर और माताओं व देखभाल करने वालों को सहायता देने वाली नीतियों पर केंद्रित राष्ट्रीय अभियान चलाने में बिताया है।
उनका काम खास तौर पर बच्चों की देखभाल की सुविधा, सवेतन पारिवारिक अवकाश और विज्ञान व टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लड़कियों और महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ाने पर केंद्रित रहा है। हाल ही में उन्हें टाइम मैगजीन की '2026 वुमन ऑफ दि इयर' में से एक चुना गया। यह सम्मान न्यूयॉर्क में 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सार्वभौमिक देखभाल की वकालत करने के लिए उन्हें दिया गया है।
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'गर्ल्स हू कोड' की संस्थापक के तौर पर सबसे ज्यादा जानी जाने वाली सौजानी ने 2012 में इस गैर-लाभकारी संस्था की शुरुआत की थी, जिसका मकसद कंप्यूटर विज्ञान और टेक्नोलॉजी के करियर में लैंगिक अंतर को कम करना था। तब से यह संस्था अमेरिका में कोडिंग और STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे सबसे प्रमुख प्रयासों में से एक बन गई है।
'गर्ल्स हू कोड' की स्थापना से पहले, सौजानी ने एक वकील के तौर पर और वित्त क्षेत्र में काम किया था, जिसमें डेविस पोल्स एंड वार्डवेल, कैरेट एसेट मैनेजमैंट और फोर्ट्रेस इन्वेस्टमैंनट ग्रुप जैसी संस्थाओं में उनकी भूमिकाएं शामिल हैं।
अपनी वकालत के काम के अलावा, सौजानी न्यू यॉर्क टाइम्स की बेस्टसेलिंग लेखिका भी हैं। उनकी किताबों में 'पे अप: दि फ्यूचर ऑफ वुमन एंड वर्क' (और यह आपकी सोच से अलग क्यों है), 'ब्रेव, नॉट परफेक्ट' और 'गर्ल्स हू कोड' सीरीज शामिल हैं। वह लेमोनाडा मीडिया के साथ मिलकर 'माई सो-कॉल्ड मिडलाइफ' नाम का एक पॉडकास्ट भी होस्ट करती हैं।
उनके सार्वजनिक भाषणों ने भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। उनकी डेड टॉक 'लड़कियों को पूर्णता नहीं, बल्कि बहादुरी सिखाएं' को दुनिया भर में 54 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि 'इम्पोस्टर सिंड्रोम' पर दिए गए उनके स्मिथ कॉलेज के दीक्षांत भाषण को 18 मिलियन से अधिक बार देखा गया है।
शिकागो में जन्मी सौजानी के माता-पिता गुजराती मूल के भारतीय थे, जिन्हें इडी अमीन के शासनकाल के दौरान युगांडा से निष्कासित कर दिया गया था। सौजानी ने यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय, हार्वर्ड कैनेडी स्कूल और येल लॉ स्कूल से अपनी डिग्रियां हासिल की हैं।
यह समारोह 15 मई को कॉलेज के परिसर में आयोजित किया जाएगा, जो इस संस्थान के 21वें स्नातक बैच का प्रतीक है।
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