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अमेरिकी समाज पर स्वामी विवेकानंद ने कैसे डाला प्रभाव, नई डॉक्युमेंट्री में जल्द दिखेगी झलक

राजा चौधरी के निर्देशन में बनी इस डॉक्युमेंट्री के निर्माता ए थाउज़ेंड सन अकादमी है। मल्टीकास्ट टेलीविजन चैनल पीबीएस वर्ल्ड इसी महीने इसका प्रीमियर करेगा।

यह डॉक्युमेंट्री स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित है। / Image : pbs.org

अमेरिका का मल्टीकास्ट टेलीविजन चैनल पीबीएस वर्ल्ड इसी महीने अपनी लेटेस्ट डॉक्युमेंट्री America’s First guru का प्रीमियर करने जा रहा है। यह डॉक्युमेंट्री स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित है। स्वामी विवेकानंद ने ही 1800 के दशक के अंत में अमेरिका में योग, वेदांत और भारतीय आध्यात्मिक शिक्षाओं की शुरुआत की थी।

यह डॉक्यूमेंट्री 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद पर फोकस करती है, जहां स्वामी विवेकानंद ने बेहद प्रभावशाली भाषण दिया था और योग, वेदांत एवं हिंदू धर्म पर अपने विचारों से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इसी के बाद अमेरिका में आध्यात्मिक जागृति आई थी, जो अब तक अमेरिकी संस्कृति को प्रभावित कर रही है।

अमेरिकी समाज पर स्वामी विवेकानंद के गहरे प्रभाव ने उन्हें अमेरिका के पहले गुरु का खिताब दिलाया। राजा चौधरी के निर्देशन में बनी इस डॉक्युमेंट्री के निर्माता ए थाउज़ेंड सन अकादमी है। WTTW शिकागो की इस पेशकश का डिस्ट्रिब्यूशन एनईटीए द्वारा भी किया जा रहा है।

शिकागो में अपने ऐतिहासिक संबोधन के बाद स्वामी विवेकानंद ने छह साल तक पूरे अमेरिका की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने वेदांत सोसाइटी ऑफ न्यूयॉर्क की स्थापना की, जो देश का पहला हिंदू आश्रम था। योग और वेदांत परंपराओं के प्रसार में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

इस समय अमेरिका में 55 मिलियन से अधिक लोग योग का अभ्यास करते हैं। गुरु, आसन और कर्म जैसे शब्द रोजमर्रा की भाषा का हिस्सा बन गए हैं। अब रेड कार्पेट आयोजनों से लेकर खेल समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में लोगों का अभिवादन नमस्ते से किया जाने लगा है।

विवेकानंद की शिक्षाएं ध्यान, सार्वभौमिकता, सहिष्णुता, बहुलवाद और सभी धर्मों की स्वीकृति जैसी गहरी वेदांतिक अवधारणाओं को पेश करती हैं। उनके संदेशों ने अमेरिकी महिलाओं, कलाकारों और विविध पृष्ठभूमि के लोगों को अपनी आध्यात्मिक क्षमताओं को पहचानने और स्वतंत्रता प्राप्त करने में सशक्त बनाया। 

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