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निज्जर मामले में कनाडा की कार्रवाई के बाद भारतीय विदेश मंत्री का दोटूक बयान

भारतीय विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले हफ़्ते ही कनाडाई अधिकारियों ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाते हुए चार भारतीयों को गिरफ़्तार किया है।

जयशंकर ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में निज्जर मामले को लेकर बयान दिया। / X @DrSJaishankar

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि कनाडाई जांचकर्ताओं ने खालिस्तानी अलगाववादी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंध में भारत के साथ जांच के लायक कुछ भी साझा नहीं किया है।

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि हम इस (निज्जर) मामले की जांच करने के लिए तैयार हैं लेकिन आज तक हमें ऐसा कुछ भी नहीं मिला है जो खास हो और हमारी जांच एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने योग्य हो। एनएसई, मुंबई में भारतीय पूंजी बाजार पर आयोजित सेमिनार में जयशंकर ने ये बात कही। 



भारतीय विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले हफ़्ते ही कनाडाई अधिकारियों ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाते हुए चार भारतीयों को गिरफ़्तार किया है। याद दिला दें कि भारत में आतंकवादी घोषित निज्जर की ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

कनाडा का दावा है कि निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों की अहम भूमिका थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल भारत पर कनाडा की धरती पर निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इसे लेकर भारत और कनाडा के संबंध काफी निचले स्तर तक पहुंच गए हैं।

भारत ने कई मौकों पर कनाडा को सूचित किया है कि भारत में अशांति फैलाने की साजिश रचने वाले तत्वों ने उत्तरी अमेरिकी राष्ट्र में अपना आधार बना लिया है। अमेरिका और कनाडा से भारत की संप्रभुता के लिए खतरा बनने वाले समूहों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है। लेकिन कनाडा सरकार ने इस पर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। 

भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि इनमें से कई देश अलग-अलग हद तक अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर छूट देते हैं। हमारे हिसाब से इसमें दिक्कत है क्योंकि हमें नहीं लगता कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब अलगाववाद, आतंकवाद, उग्रवाद और हिंसा का समर्थन करना होना चाहिए।
 

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