रेडियो होस्ट को पीट-पीटकर लगभग अंधा कर दिया था, सिंह ने कबूल किया गुनाह

आरोप 29 सितंबर 2024 को कैलगरी में हुए हमले से जुड़ा है जहां सिंह ने एक कार्यक्रम स्थल के बाहर कुमार को पीट-पीटकर लगभग अंधा कर दिया था।

दिलप्रीत सिंह / X/ @REDFMCALGARY

साल 2024 में कैलगरी में एक इंडो-कनाडाई रेडियो होस्ट पर हुए हमले के मामले में 29 वर्षीय भारतीय मूल के एक शख्स ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। सजा इस साल के अंत में सुनाई जाने की उम्मीद है। दिलप्रीत सिंह ने नाम के इस शख्स ने 14 अप्रैल को अल्बर्टा के कैलगरी कोर्ट ऑफ जस्टिस में अपना गुनाह कबूल किया है। 

यह मामला रेड एफएम के न्यूज डायरेक्टर और रेडियो होस्ट ऋषि कुमार से जुड़ा है जिन्हें पेशेवर रूप से ऋषि नगर के नाम से जाना जाता है। यह आरोप 29 सितंबर 2024 को कैलगरी में हुए हमले से जुड़ा है जहां सिंह ने एक कार्यक्रम स्थल के बाहर कुमार को पीट-पीटकर लगभग अंधा कर दिया था। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार सिंह ने कुमार के चेहरे पर मुक्का मारा जिससे उनका चश्मा गिर गया और फिर पंजाबी में उनके ऑन-एयर टिप्पणियों को लेकर चिल्लाते हुए हमला जारी रखा। कुमार जमीन पर गिर गए और उनके सिर पर कई बार वार किया गया। अदालत में क्राउन अभियोजक स्टीवन जॉनस्टन द्वारा पढ़े गए तथ्यों के अनुसार पीड़ित की आंख पर गंभीर चोट आई जिसके लिए उन्हें मोतियाबिंद की सर्जरी तक करानी पड़ी। इसके साथ ही रेटिना डिटैचमेंट या ग्लूकोमा जैसी आगे की जटिलताओं का भी खतरा बना हुआ है।

यह हमला उस रिपोर्ट के कुछ दिन बाद हुआ जिसमें कुमार ने कैलगरी के दशमेश कल्चरल सेंटर में हुई एक बैठक की जानकारी दी थी। इस बैठक में दक्षिण एशियाई समुदाय के सदस्य उगाही से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए थे।



इस घटना में पार्किंग स्थल पर हथियार दिखाए जाने के आरोप भी शामिल थे जिसके बाद हथियार से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियां हुई थीं। हालांकि सिंह इस कथित हथियार वाली घटना में शामिल नहीं थे लेकिन अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार वह कुमार की इस रिपोर्टिंग से नाराज थे।

कुमार पहले भी कह चुके हैं कि यह हमला उनकी रिपोर्टिंग से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़ी खबरों को कवर करने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया। जज पीटर बार्ली ने दोष स्वीकार को स्वीकार करते हुए प्री-सेंटेंस रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। सजा सुनाए जाने तक सिंह को रिहा रखा गया है।

अदालत की कार्यवाही के अनुसार सिंह के वकील पीटर होअर ने कहा कि दोष स्वीकार करने से इमिग्रेशन से जुड़े परिणाम हो सकते हैं और उनके मुवक्किल को इसके प्रभावों की जानकारी है। समुदाय संगठनों ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया लेकिन साथ ही सुरक्षा और डराने-धमकाने को लेकर चिंता भी जताई।

 



कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका यानी CoHNA कनाडा ने कहा कि मामले में जांच आगे बढ़ना सकारात्मक है लेकिन देरी से लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर बोलने और काम करने में असुरक्षा महसूस हो सकती है। वहीं हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने भी हमले की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुमार इस हमले में लगभग अंधे हो गए थे। अब कुमार के दोष कबूल करने से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। संगठन ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और सिंगर नैन्सी ग्रेवाल पर हुए चाकू हमले की जांच में भी इसी तरह की प्रगति की उम्मीद जताई है।

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