13 जून, 2026 को फ्लोरिडा के वैलरिको में श्री स्वामीनारायण मंदिर लोयाधाम में आयोजित सम्मान समारोह में समुदाय के नेता, मेहमान और श्रद्धालु शामिल हुए। / Shri Swaminarayan Mandir Loyadham
बीती 13 जून को फ्लोरिडा के वालरिको में श्री स्वामीनारायण मंदिर लोयाधाम में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य, धार्मिक नेता और नागरिक व सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि सद्गुरु शास्त्री घनश्यामप्रकाशदासजी स्वामी के मार्गदर्शन में आयोजित इस सभा में पूरे क्षेत्र से सैकड़ों भक्त और समुदाय के सदस्य शामिल हुए।
मेहमानों में डॉक्टर और समाजसेवी डॉ. किरण पटेल, ग्लोबल डायलॉग फाउंडेशन के चेयरमैन बावा जैन, बीजेपी यूएसए के पूर्व अध्यक्ष चंद्रकांत पटेल और टाम्पा गुजराती समाज के अध्यक्ष संदीप पटेल शामिल थे। हिंदू स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधियों - जिनमें यशवंत पाठक, नैनन देसाई, गौरव वैष्णव और विनोद पटेल शामिल थे - ने भी अन्य सामुदायिक नेताओं के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
वक्ताओं ने मोदी के राजनीतिक करियर और प्रधानमंत्री के तौर पर उनके एक दशक से अधिक के कार्यकाल पर चर्चा की। कई लोगों ने उनकी सरकार से जुड़ी पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें डिजिटल इंडिया कार्यक्रम, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष संवैधानिक दर्जे को खत्म करना शामिल है। आयोजकों ने बताया कि वक्ताओं ने सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" नारे का भी जिक्र किया।
आयोजन की धलकियां। / Shri Swaminarayan Mandir Loyadhamसभा को संबोधित करते हुए घनश्यामप्रकाशदासजी स्वामी ने सार्वजनिक पद पर मोदी के वर्षों और भारत के विकास में उनकी भूमिका के बारे में बात की। आयोजकों के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व को जनसेवा और राष्ट्रीय विकास पर केंद्रित बताया।
यह कार्यक्रम भारत में राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों में कई भारतीय-अमेरिकियों की निरंतर रुचि को दर्शाता है। पूरे अमेरिका में सामुदायिक संगठन अक्सर महत्वपूर्ण उपलब्धियों, चुनावों, सांस्कृतिक आयोजनों और भारतीय नेताओं के दौरों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जो अपने मूल देश के साथ प्रवासी सदस्यों के गहरे जुड़ाव को रेखांकित करते हैं।
मंदिर और सामुदायिक केंद्र ऐसे कार्यक्रमों के लिए अक्सर स्थल के रूप में काम करते हैं, जहाँ विभिन्न पेशेवर, क्षेत्रीय और धार्मिक पृष्ठभूमियों के भारतीय-अमेरिकी एक साथ आते हैं। आयोजकों ने कहा कि फ्लोरिडा में आयोजित इस सभा का उद्देश्य समुदाय के सदस्यों को एक ऐसी उपलब्धि को पहचानने का अवसर देना था, जिसे वे समकालीन भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण मानते हैं। आयोजकों के अनुसार, समारोह का समापन भारतीय राष्ट्रगान के गायन और समुदाय की भागीदारी के साथ हुआ।
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