संगठन का लोगो। / X
वर्जीनिया स्थित एक संगठन लीड अमेरिका के अध्यक्ष राजेश गूटी ने मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर और लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर को पत्र लिखकर मैरीलैंड और पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय मूल के और हिंदू समुदायों को निशाना बनाकर की जा रही नफरत भरी घटनाओं में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है।
27 मई को एनापोलिस स्थित गवर्नर कार्यालय को लिखे पत्र में गूटी ने मैरीलैंड के हॉवर्ड काउंटी के इंडियन कल्चरल एसोसिएशन और फीडहोको द्वारा आयोजित एक खाद्य वितरण कार्यक्रम में 16 मई को हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्चों, स्वयंसेवकों और परिवारों की उपस्थिति वाले इस सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर समुदाय के सदस्यों पर हिंदू विरोधी और भारतीय विरोधी अपशब्द कहे।
गूटी ने लिखा कि हम मैरीलैंड के हॉवर्ड काउंटी के इंडियन कल्चरल एसोसिएशन (आईसीए) के साथ मजबूती से खड़े हैं और फीडहोको जैसी साझेदारियों सहित उनके महत्वपूर्ण सामुदायिक सेवा कार्यों की सराहना करते हैं। ऐसे संगठन करुणा, स्वयंसेवा और सांस्कृतिक योगदान के माध्यम से अमेरिकी समाज की नींव को मजबूत करते हैं।
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पत्र के अनुसार, यह घटना समुदाय को भोजन वितरित करने के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान घटी। गूटी ने आरोप लगाया कि एक चरमपंथी व्यक्ति ने भारतीय हिंदू परिवारों सहित समुदाय के सदस्यों पर नस्लवादी और कट्टरपंथी मौखिक हमला किया।
पत्र में कहा गया है कि इस व्यक्ति ने बच्चों, स्वयंसेवकों और परिवारों के सामने अपशब्द और घृणास्पद बयानबाजी की। सेवा और एकजुटता का जो दिन होना चाहिए था, वह सार्वजनिक स्थान पर हमारे समुदाय के सदस्यों को डराने और अपमानित करने का प्रयास बन गया।
गूटी ने कहा कि यह घटना बढ़ते हिंदू-विरोधी और भारतीय-विरोधी पूर्वाग्रह के एक चिंताजनक पैटर्न को दर्शाती है और उन्होंने मैरीलैंड के अधिकारियों से हिंदू-विरोधी और भारतीय-विरोधी नफरत की सार्वजनिक रूप से निंदा करने का आग्रह किया।
पत्र में राज्य के नेताओं से परिवारों को घृणास्पद घटनाओं से बचाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने, सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सामुदायिक सुरक्षा उपायों का समर्थन करने, हॉवर्ड काउंटी में स्थानीय कानून प्रवर्तन और नागरिक नेताओं को शामिल करने और पूर्वाग्रह का मुकाबला करने के उद्देश्य से संवाद और शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया है।
गूटी ने लिखा- हम आपसे, हमारे निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में, इस बढ़ती नफरत के खिलाफ कड़ा सार्वजनिक रुख अपनाने का आग्रह करते हैं। पत्र में यह भी कहा गया कि संगठन सेवा, एकता और अमेरिकी आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है और समुदाय के सदस्यों को चरमपंथियों द्वारा चुप नहीं कराया जा सकेगा और न ही डराया जा सकेगा।
पत्र के साथ इंडियन कल्चरल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव का एक बयान भी संलग्न था, जिसमें उन्होंने 16 मई की घटना को आईसीए और फीडहोको कार्यक्रम के दौरान उन पर और भारतीय हिंदू समुदाय के सदस्यों पर लक्षित नस्लवादी और कट्टरपंथी मौखिक हमला बताया।
श्रीवास्तव ने लिखा कि कथित टिप्पणियां बच्चों, स्वयंसेवकों और परिवारों के सामने की गईं और यह घटना सेवा के सार्वजनिक स्थल पर हिंदू और धार्मिक परिवारों को डराने का प्रयास थी।
श्रीवास्तव ने लिखा कि हॉवर्ड काउंटी में नफरत की कोई जगह नहीं है, न हमारे स्कूलों में, न हमारी संस्थाओं में, और निश्चित रूप से हमारी फूड लाइनों में तो बिल्कुल नहीं।
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