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जोहो के श्रीधर वेम्बू की मांग- तमिलनाडु में लगे राष्ट्रपति शासन, फिर से हों चुनाव

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वेम्बू ने कहा कि किसी भी पार्टी के पास आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं और मौजूदा परिस्थितियों में गठित कोई भी सरकार प्रतिस्पर्धी राजनीतिक दबावों के कारण अस्थिरता का सामना करेगी।

 श्रीधर वेम्बू  श्रीधर वेम्बू / Sridhar Vembu via X

जोहो के सह-संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बू ने गुरुवार को तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू करने और नए चुनाव कराने की मांग की और कहा कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक स्थिति अस्थिर प्रतीत होती है। 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वेम्बू ने कहा कि किसी भी पार्टी के पास आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं और मौजूदा परिस्थितियों में गठित कोई भी सरकार प्रतिस्पर्धी राजनीतिक दबावों के कारण अस्थिरता का सामना करेगी।

उन्होंने आगे लिखा कि जो भी सरकार बनेगी, वह विभिन्न दबावों और खींचतानों के कारण अस्थिर रहने की संभावना है। तमिलनाडु इससे बेहतर का हकदार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू करना और फिर नए चुनाव कराना, जिसमें 'मतदान के बदले नकद' जैसी प्रैक्टिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, सबसे अच्छा उपाय होगा।

उन्होंने X पर लिखा, 'राष्ट्रपति शासन लागू करना और नए चुनाव कराना सबसे अच्छा उपाय हो सकता है, इस बार 'मतदान के बदले नकद' के सख्त नियम लागू किए जाएं। तब पता चलेगा कि असली जनादेश किसे मिलता है।'

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जोहो के सह-संस्थापक ने यह भी विश्वास जताया कि अगर नए चुनाव होते हैं तो अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) भारी बहुमत हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि TVK भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापस आएगी और अगर DMK-AIADMK इसे रोकना चाहती हैं, तो वे मिलकर चुनाव लड़ें।

वेम्बू ने आगे कहा कि भाजपा को तमिलनाडु में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चाहिए, भले ही उसे एक भी सीट न मिले। उन्होंने इसे राज्य में पार्टी के लिए एक नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए, भले ही उसे एक भी सीट न मिले। तमिलनाडु में भाजपा के लिए एक नई शुरुआत का समय आ गया है। जनता को फिर से फैसला करने दें।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में TVK राज्य में एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी थी, हालांकि 234 सदस्यीय विधानसभा में वह बहुमत का आंकड़ा पाने में मामूली अंतर से चूक गई।

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