जेनिफर राजकुमार / Courtesy photo
न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली की सदस्य जेनिफर राजकुमार ने उस विधेयक का समर्थन किया है जिसके तहत राज्य में नए बड़े डेटा सेंटरों के लिए परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगाई जाएगी ताकि उनके पर्यावरणीय, ऊर्जा और आर्थिक प्रभावों का व्यापक अध्ययन किया जा सके।
असेंबली बिल A10141A के समर्थन में जारी बयान में राजकुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती तकनीकों का तेजी से विस्तार नवाचार और आर्थिक विकास के लिए बड़े अवसर लेकर आया है। लेकिन यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह विकास समुदायों, प्राकृतिक संसाधनों और आम परिवारों की कीमत पर न हो।
उन्होंने कहा कि मैं A10141A का गर्व से समर्थन करती हूं। यह विधेयक नए बड़े डेटा सेंटरों के परमिट पर अस्थायी रोक लगाता है, ताकि न्यूयॉर्क उनके पर्यावरणीय, ऊर्जा और आर्थिक प्रभावों का व्यापक आकलन कर सके। राजकुमार के अनुसार डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की खपत करते हैं, बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और स्थानीय निवासियों तथा छोटे व्यवसायों के लिए बिजली की लागत बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य को नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने से पहले यह समझना चाहिए कि अतिरिक्त डेटा सेंटरों का प्रभाव बिजली ग्रिड, जलवायु लक्ष्यों, पर्यावरणीय न्याय से जुड़े समुदायों और घरेलू ऊर्जा बिलों पर कितना पड़ेगा। राजकुमार ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक डेटा सेंटर विकास पर स्थायी प्रतिबंध नहीं लगाता।
उन्होंने कहा कि A10141A एक जिम्मेदार और संतुलित दृष्टिकोण अपनाता है। यह विकास को स्थायी रूप से नहीं रोकता, बल्कि राज्य को पर्याप्त समय देता है ताकि वह कड़े पर्यावरणीय अध्ययन कर सके, स्पष्ट मानक तय कर सके और यह सुनिश्चित कर सके कि निजी विकास की लागत आम न्यूयॉर्कवासियों पर न डाली जाए।
सोशल मीडिया पर भी उन्होंने कहा कि वह इस अस्थायी रोक का समर्थन करती हैं क्योंकि न्यूयॉर्क को नवाचार और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाना होगा।
उन्होंने आगे लिखा कि हम तकनीकी प्रगति में देश का नेतृत्व कर सकते हैं, साथ ही उपभोक्ताओं की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और यह सुनिश्चित करने का काम भी कर सकते हैं कि किसी एक समुदाय पर असमान बोझ न पड़े।
राजकुमार का कहना है कि यह कदम न्यूयॉर्क को तकनीकी विकास और जिम्मेदार शासन दोनों में अग्रणी बनने में मदद करेगा। यह विधेयक असेंबली सदस्य अन्ना केलेस द्वारा पेश किया गया है और सीनेट में इसका प्रायोजन लिज क्रूगर कर रही हैं।
प्रस्तावित कानून के तहत राज्य एजेंसियां डेटा सेंटरों के पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभावों का अध्ययन पूरा होने तक नए डेटा सेंटरों के परमिट जारी नहीं करेंगी।
विधेयक में न्यूयॉर्क पब्लिक सर्विस कमीशन को यह जांचने का भी निर्देश दिया गया है कि डेटा सेंटर बिजली और गैस दरों को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं तथा घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लागत से बचाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
विधेयक के प्रायोजकों के अनुसार, यह रोक कम से कम तीन वर्ष और 90 दिनों तक लागू रहेगी।
इस अवधि के दौरान डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरनमेंटल कंजर्वेशन को पर्यावरणीय प्रभावों की समीक्षा पूरी करनी होगी और आवश्यक नियम तैयार करने होंगे, जबकि पब्लिक सर्विस कमीशन को उपयोगिता दरों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
हालांकि, पहले से जारी किए गए परमिट और उनके नवीनीकरण इस प्रस्तावित रोक से प्रभावित नहीं होंगे।
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