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EFTA के साथ 100 अरब डॉलर का व्यापार समझौता, लाभ में रहेंगे भारतीय

इस व्यापार समझौते के प्रमुख लाभों में से एक आयातित वस्तुओं पर चरणबद्ध सीमा शुल्क कटौती है जो घरेलू उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पादों जैसे घड़ियां, चॉकलेट और बिस्कुट इत्यादि तक पहुंच सक्षम बनाएगी।

 समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है।  समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। / Image : X@PiyushGoyal

भारत ने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। समझौते का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। इस समझौते से भारतीय उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था को कई लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है। 



इस व्यापार समझौते के प्रमुख लाभों में से एक आयातित वस्तुओं पर चरणबद्ध सीमा शुल्क कटौती है जो घरेलू उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पादों जैसे घड़ियां, चॉकलेट और बिस्कुट इत्यादि तक पहुंच सक्षम बनाएगी। समझौते में स्विट्जरलैंड से आयातित कई उत्पादों पर टैरिफ रियायतें शामिल हैं जिनमें समुद्री भोजन, भूमध्यसागरीय फल, कॉफी, तेल, मिठाई, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और वाइन शामिल है। इससे भारतीय बाजारों में इन उत्पादों की कीमतों में गिरावट आएगी जिससे ये भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती और सुलभ हो जाएंगे।

मूल्य निर्धारण और बाजार पहुंच पर प्रभाव
यह समझौता समय के साथ विभिन्न उत्पादों पर टैरिफ कटौती का रास्ता तैयार करता है। उदाहरण के लिए 5 डॉलर और 15 डॉलर से कम कीमत वाली वाइन पर पहले वर्ष में शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत कर दिया जाएगा, जो 10 वर्षों में धीरे-धीरे कम होकर 50 प्रतिशत हो जाएगा। कटे और पॉलिश किए गए हीरों पर शुल्क पांच साल में 5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया जाएगा। हालांकि सोने पर कोई प्रभावी टैरिफ रियायत नहीं है क्योंकि प्रभावी 15 प्रतिशत कटौती बनी हुई है।

भारतीयों को लाभ
इस समझौते से भारतीय उपभोक्ताओं को लाभ होने की उम्मीद है क्योंकि सरकार समय के साथ आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगी। इस कदम से घरेलू उपभोक्ताओं को कम कीमत पर घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट जैसे उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।

भारत को लाभ

  • सभी घरेलू औद्योगिक उत्पादों को ईएफटीए देशों में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों पर भी शुल्क छूट। अधिक निवेश मिलेगा
  • टीईपीए भारतीय निर्यातकों के लिए अनुकूल व्यापार माहौल बनाएगा। देसी वस्तुओं का निर्यात बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र को भी अधिक बाजार मिलेंगे
  • स्विट्जरलैंड के जरिये  यूरोपीय संघ के बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी। इन्फ्रा, विनिर्माण, मशीनरी, फार्मा जैसे क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण बढ़ेगा

निवेश को बढ़ावा

  • भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष आर दिनेश ने कहा कि 100 अरब डॉलर के निवेश के लिए ईएफटीए सदस्यों की प्रतिबद्धता से इंजीनियरिंग, दवा, खाद्य प्रसंस्करण, परिधान और अन्य क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा
  • तिरुपुर निर्यातक संघ के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि आपसी व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय परिधान निर्यातकों को अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी
  • व्यापार विशेषज्ञ एवं हाई-टेक गियर्स के अध्यक्ष दीप कपूरिया ने कहा कि ईएफटीए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक ब्लॉक है क्योंकि यह वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल है
     

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