अरुण मैनी / Youtube
भारतीय मूल के ब्रिटिश यूट्यूबर अरुण रूपेश मैनी, जो ऑनलाइन MrWhoseTheBoss के नाम से जाने जाते हैं, ने खुलासा किया है कि कुछ साल पहले काम के सिलसिले में अमेरिका पहुंचने पर उन्हें हिरासत में लिया गया, उनकी तलाशी ली गई और फिर देश से निकाल दिया गया। उन्होंने इस अनुभव को बेहद अपमानजनक बताया।
30 वर्षीय मैनी ने गेमिंग और टेक्नोलॉजी समाचार वेबसाइट Dexerto को दिए एक साक्षात्कार में इस घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना का असर अब भी अमेरिका की उनकी यात्रा पर पड़ता है।
मैनी ब्रिटेन में जन्मे टेक्नोलॉजी कंटेंट क्रिएटर हैं, जिनके YouTube पर 22.5 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। उनके चैनल पर स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट टेस्ट और अन्य टेक्नोलॉजी से संबंधित वीडियो हैं।
मैनी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब उन्होंने अपने करियर का 'सबसे बड़ा' ऑफर स्वीकार किया था - अमेरिका में एक हाई-टेक स्टेडियम परियोजना के निर्माण के लिए 300,000 डॉलर का सौदा।
उन्होंने Dexerto को बताया कि लैंडिंग के तुरंत बाद अमेरिकी सीमा गश्ती अधिकारियों द्वारा रोके जाने से पहले वे इस असाइनमेंट को लेकर बहुत उत्साहित थे। मैनी ने बताया कि मैं अमेरिका गया। सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने मेरा इंटरव्यू लिया… वे मुझे एक पिछले कमरे में ले गए और कहा कि आप अपना फोन बाहर नहीं निकाल सकते।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा उनका फोन ले लिए जाने के कारण वे अपने प्रायोजकों को सूचित नहीं कर पाए। मेरे प्रायोजक जैसे कई लोग मेरा इंतजार कर रहे थे, और मैं उन्हें यह नहीं बता सका कि मुझे इस कमरे में ले जाया गया है। मैनी ने बताया कि बाद में अधिकारियों ने उन्हें दूसरे कमरे में ले जाकर उनसे और पूछताछ की।
बकौल मैनी वे मुझ पर आरोप लगाने लगे। और आखिरकार, वे मुझे एक गहरे कमरे में ले गए। उस समय मैं बहुत डरा हुआ था। सभी गार्ड हथियारबंद थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनकी तलाशी ली गई।
मैनी ने कहा कि वे मुझे एक कोठरी में ले गए, मेरे सारे कपड़े उतार दिए और तरह-तरह से मेरी तलाशी ली। मैनी ने इस अनुभव को बेहद अपमानजनक बताया।
मैनी ने बताया कि उन्हें आखिरकार अपने कपड़े वापस पहनने की अनुमति दे दी गई, लेकिन अधिकारियों ने उनका फोन अपने पास ही रखा। उन्होंने बताया कि उन्होंने 26 घंटे हिरासत में बिताए और इस दौरान वे अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पाए।
एक दिन से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद, उन्होंने बताया कि उन्हें यूनाइटेड किंगडम वापस जाने वाली फ्लाइट में बिठा दिया गया। मुझे निर्वासित कर दिया गया, मैनी ने डेक्सर्टो को बताया। और फ्लाइट के उड़ान भरने तक उन्होंने मुझे मेरा फोन भी नहीं दिया।
मैनी के अनुसार, वे विमान के उड़ान भरने के बाद ही अपने परिवार से संपर्क कर पाए और उन्हें आश्वस्त किया कि वे सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना का असर अमेरिका में उनकी यात्रा पर लगातार पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अब जब भी मैं अमेरिका आता हूं मुझे एक अलग कमरे में ले जाया जाता है और मेरा इंटरव्यू लिया जाता है, क्योंकि मेरे नाम के आगे एक काला धब्बा लगा हुआ है।
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