डॉ. वीणा शंकरन (बैठी हुई), हचिंसन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर आउटकम्स रिसर्च की सह-निदेशक / Fred Hutch Cancer Centre
भारतीय मूल की चिकित्सक और वैज्ञानिक डॉ. वीना शंकरण को फ्रेड हच कैंसर सेंटर में स्थापित नई लर्ट फैमिली एंडोव्ड चेयर की पहली धारक नियुक्त किया गया है। यह सम्मान कैंसर मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ से जुड़ी उनकी शोध को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
डॉ. शंकरण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर विशेषज्ञ हैं और हचिन्सन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर आउटकम्स रिसर्च (HICOR) की सह-निदेशक भी हैं। यह एंडोव्ड चेयर फ्रेड हच के लंबे समय से समर्थक रैंडी और जॉयस लर्ट के दान से स्थापित की गई है। रैंडी लर्ट का इसोफेगल कैंसर का इलाज डॉ. शंकरण की देखरेख में चल रहा है।
इस एंडोव्ड चेयर के जरिए मिलने वाली वित्तीय सहायता से कैंसर मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव, जिसे विशेषज्ञ फाइनेंशियल टॉक्सिसिटी कहते हैं पर शोध को आगे बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के इलाज का आर्थिक बोझ मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों, उपचार जारी रखने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
डॉ. शंकरण ने कहा कि रैंडी की देखभाल करना और वर्षों के दौरान उन्हें और जॉयस को जानना मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। वे हमेशा मेरी रिसर्च को लेकर उत्सुक रहे हैं और उन बाधाओं को दूर करने में मदद करना चाहते हैं, जिनका सामना कई मरीज करते हैं।
फ्रेड हच और यूडब्ल्यू मेडिसिन में प्रोफेसर डॉ. शंकरण कैंसर उपचार और आर्थिक कठिनाइयों के बीच संबंधों पर शोध करने वाली प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल हैं।
उनकी इस दिशा में रुचि तब बढ़ी जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में पाया कि एक मरीज दवाइयों की खुराक कम कर रहा था क्योंकि वह उनका खर्च नहीं उठा सकता था। इससे उसके इलाज की प्रभावशीलता प्रभावित हो रही थी।
एचआईसीओआर के माध्यम से डॉ. शंकरण और उनकी टीम कैंसर रजिस्ट्री डेटा, स्वास्थ्य बीमा दावों और वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण करती है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि आर्थिक दबाव मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य परिणामों को किस तरह प्रभावित करते हैं।
उनकी रिसर्च में इलाज में देरी, मेडिकल कर्ज, खाद्य असुरक्षा, परिवहन संबंधी समस्याएं और कैंसर उपचार के दौरान बच्चों की देखभाल की लागत जैसे मुद्दों का अध्ययन शामिल है।
हाल ही में उनकी टीम द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह जांचा गया कि क्या क्रेडिट रिपोर्ट डेटा के जरिए कैंसर मरीजों की आर्थिक परेशानी का पता पारंपरिक सर्वेक्षणों से पहले लगाया जा सकता है। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को समय रहते मदद करने का अवसर मिल सकता है।
डॉ. शंकरण SWOG कैंसर रिसर्च नेटवर्क के तहत कैंसर मरीजों के वित्तीय परिणामों पर आधारित सबसे बड़े बहु-केंद्रित अध्ययन का नेतृत्व भी कर रही हैं। इस अध्ययन में पाया गया कि कोलन कैंसर से पीड़ित लगभग तीन-चौथाई मरीज इलाज के दौरान गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं।
फ्रेड हच के अध्यक्ष डॉ. थॉमस जे लिंच जूनियर ने डॉ. शंकरण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका काम यह समझने में महत्वपूर्ण है कि वैज्ञानिक प्रगति वास्तविक जीवन में मरीजों की देखभाल को किस तरह प्रभावित करती है। नया एंडोवमेंट पायलट परियोजनाओं, नीति-आधारित शोध और भविष्य के चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य सेवा शोधकर्ताओं के प्रशिक्षण में भी सहायता करेगा।
डॉ. शंकरण ने कहा कि यह फंडिंग उनकी टीम को नए विचारों पर काम करने और देशभर में कैंसर मरीजों के लिए आर्थिक बाधाओं को कम करने के प्रयासों को तेज़ करने का अवसर देगी।
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