जय गोत्रा / governorgotra.com
भारतीय मूल के उद्यमी जय गोत्रा ने 2 जून को रोड आइलैंड के गवर्नर पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। इसके साथ ही वह राज्य के सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट बन गए हैं।
रोड आइलैंड स्थित अलायंस सिक्योरिटी के संस्थापक जय गोत्रा ने अपना GRIT यानी ग्रो रोड आइलैंड टूगेदर (Grow Rhode Island Together) एजेंडा पेश किया जो वित्तीय जवाबदेही, आर्थिक विकास, ऊर्जा नीति, आवास उपलब्धता, व्यापार विस्तार और सरकारी पारदर्शिता पर केंद्रित है।
उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए गोत्रा ने कहा कि हर बड़ा आंदोलन कहीं न कहीं से शुरू होता है। रोड आइलैंड देश का सबसे छोटा राज्य है, लेकिन मेरा मानना है कि यह सबसे बड़ा उदाहरण बन सकता है कि वित्तीय अनुशासन के साथ नेतृत्व कैसे किया जाता है, व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं की रक्षा कैसे की जाती है और लोगों को कभी अपनी समृद्धि और अपने मूल्यों में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जाता।
एक बयान के अनुसार गोत्रा राज्य सरकार में कारोबारी दृष्टिकोण लाना चाहते हैं। उनका कहना है कि रोड आइलैंड को बेहतर वित्तीय प्रबंधन और दीर्घकालिक आर्थिक योजना की आवश्यकता है।
अपने अभियान वीडियो में उन्होंने सरकारी फिजूलखर्ची की आलोचना की और कहा कि मेरा नाम जय गोत्रा है और मैं रोड आइलैंड के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहा हूं क्योंकि किसी को तो आपके पैसे को ऐसे संभालना चाहिए जैसे उसे बर्बाद करना अपराध हो।
उन्होंने आगे कहा कि हम रोड आइलैंड को फिर से लाभकारी कैसे बनाएं? मैं रोड आइलैंड के लोगों से आग्रह कर रहा हूं कि वे मुझे अपने राज्य का सीईओ नियुक्त करें।
गोत्रा ने एक असामान्य चुनावी वादा भी किया है। उन्होंने कहा कि यदि वह अपने पहले कार्यकाल के अंत तक राज्य को आर्थिक रूप से बेहतर बनाने में सफल नहीं होते, तो दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि मैं अपने पहले कार्यकाल के अंत तक रोड आइलैंड को लाभकारी नहीं बना पाया, तो मैं दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। यह सिर्फ वादा नहीं, बल्कि एक समयसीमा के साथ मेरा सार्वजनिक संकल्प है।
पंजीकृत डेमोक्रेट होने के बावजूद गोत्रा ने स्वीकार किया कि उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट दिया था।
उन्होंने कहा कि मैं अमेरिकी जनता के साथ ईमानदार रहना चाहता हूं, क्योंकि आज यह दुर्लभ हो गया है। 2024 में जब मैं मतदान केंद्र में खड़ा था तब मैं रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के बीच चुनाव नहीं कर रहा था। मैं दो नेतृत्व विफलताओं के बीच फैसला कर रहा था। नेतृत्व हमेशा सबसे पहले आना चाहिए।
हालांकि उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। गोत्रा ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी को मेरी जरूरत नहीं है कि मैं उसे छोड़ दूं। उसे ऐसे लोगों की जरूरत है जो उसे मजबूत करें। पिछले एक दशक में हमने जनजातीय राजनीति को अपनी नियति मान लिया है। मैं इसे स्वीकार नहीं करता।
उनके अभियान में 2023 में रोड आइलैंड के अटॉर्नी जनरल द्वारा उनकी सौर ऊर्जा कंपनी के खिलाफ दायर एक दीवानी मुकदमे का भी उल्लेख किया गया है। गोत्रा ने किसी भी व्यक्तिगत गलत काम से इनकार किया है और मामले को अदालत में चुनौती दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो मेरे साथ हुआ वह कोई अनोखी बात नहीं है। जिस तरह की सरकारी शक्ति के दुरुपयोग को अमेरिकियों ने संघीय स्तर पर देखा है, वही वर्षों से राज्य स्तर पर भी चुपचाप होता रहा है। मैंने इसे खुद झेला है।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि मुंबई में जन्मे जय गोत्रा 15 वर्ष की आयु में अपने परिवार के साथ मैसाचुसेट्स के अगावाम शहर चले गए थे। यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स डार्टमाउथ में पढ़ाई के बाद उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया और व्यवसाय की दुनिया में कदम रखा। बाद में उन्होंने अलायंस सिक्योरिटी की स्थापना की जिसे उन्होंने एक छोटे स्टार्टअप से बढ़ाकर ऐसी कंपनी बनाया जो उनके अनुसार सालाना 10.5 करोड़ डॉलर का राजस्व अर्जित करती है और रोड आइलैंड में 700 से अधिक लोगों को रोजगार देती है।
व्यवसाय के अलावा गोत्रा सामुदायिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने रोड आइलैंड कोएलिशन अगेंस्ट डोमेस्टिक वायलेंस की टेन मेन इनिशिएटिव के माध्यम से घरेलू हिंसा रोकथाम कार्यक्रमों में भाग लिया है। उनकी कंपनी ने घरेलू हिंसा से पीड़ित लोगों को मुफ्त घरेलू सुरक्षा प्रणालियां भी उपलब्ध कराईं और जरूरतमंद परिवारों के लिए अवकाशकालीन सहायता कार्यक्रमों में भी सहयोग दिया।
आपको मालूम हो कि रोड आइलैंड में डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव 9 सितंबर को होगा, जबकि आम चुनाव 3 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।
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