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फिनलैंड ने माता-पिता को नहीं दिया वीजा, बाद में मिला भारतीय बेटे का का शव

जुलाई में हेलसिंकी के पास मणिदीप रेड्डी का शव मिलने के बाद परिवार ने जांच की मांग की है।

 भारतीय छात्र मणिदपी मई माह से लापता था, उसका शव 9 जुलाई को हेलसिंकी का पास मिला। भारतीय छात्र मणिदपी मई माह से लापता था, उसका शव 9 जुलाई को हेलसिंकी का पास मिला। / Representative Photo/Unsplash

मई में लापता एक भारतीय छात्र का शव 9 जुलाई को फिनलैंड में मिला है। परिवार के वकील KLB कुमार ने बताया कि छात्र के माता-पिता उसे खोजने के लिए फिनलैंड जाना चाहते थे लेकिन उन्हे वीजा देने से मना कर दिया गया।

कुमार के अनुसार, फिनिश अधिकारियों ने 18 साल के मणिदीप रेड्डी के माता-पिता के वीजा आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिए कि वे वहां रहने के दौरान अपने खर्च उठाने के लिए पर्याप्त आर्थिक साधन होने का सबूत नहीं दे पाए।

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हैदराबाद के रहने वाले रेड्डी, लैपीनरांटा-लाहटी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में सॉफ्टवेयर और सिस्टम इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री की पढ़ाई कर रहे थे। उन्हें आखिरी बार 5 मई को लाहटी से हेलसिंकी ट्रेन से यात्रा करते हुए देखा गया था।

पिछले महीने तेलंगाना हाई कोर्ट में कुमार द्वारा दायर एक याचिका के अनुसार, सर्विलांस फुटेज में रेड्डी को स्थानीय समय के अनुसार शाम लगभग 5:14 बजे हेलसिंकी सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पहुंचते हुए देखा गया। बाद में वे एक बर्गर रेस्तरां गए और फिर रात करीब 8 बजे क्रूनुवोरेंरंटा इलाके में एक K-मार्केट सुपरमार्केट में देखे गए।

फिनिश पुलिस ने बताया कि 9 जुलाई को क्रूनुवोरेंरंटा में तलाशी अभियान के दौरान मिले शव की पहचान रेड्डी के रूप में हुई। अधिकारियों ने कहा कि शव के साथ मिली निजी चीजों, जिनमें फिनिश पहचान पत्र, उनकी मां का बैंक कार्ड और भारतीय मुद्रा शामिल थी, से उनकी पहचान की पुष्टि करने में मदद मिली।

नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन मौत के कारण की जांच कर रहा है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल किसी अपराध का संदेह नहीं है।



कुमार ने कहा कि परिवार इस मौत को संदिग्ध मानता है और आरोप लगाया कि 29 मई के बाद फिनलैंड के अधिकारियों ने उनसे बातचीत बंद कर दी थी। उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं ने परिवार को जानकारी दी कि रेड्डी के यूनिवर्सिटी अकाउंट को 9 मई को सफलतापूर्वक एक्सेस किया गया था और 10 मई को एक और लॉगिन दर्ज किया गया था; ये दोनों ही घटनाएं उनके लापता होने के बाद की हैं। कुमार के अनुसार, पुलिस ने कहा कि वे उन लॉगिन से जुड़े डिवाइस और IP एड्रेस की जांच कर रहे हैं।

कुमार ने यह भी बताया कि लापता होने से कुछ समय पहले रेड्डी ने अपनी मां से बात की थी और अपने अकाउंट में 6,000 रुपये ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। परिवार का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड से पता चलता है कि उस पैसे का कभी इस्तेमाल नहीं किया गया।

कुमार ने गहन जांच की परिवार की मांग को दोहराते हुए कहा कि फिनलैंड के अधिकारियों को रेड्डी के लापता होने से जुड़ी परिस्थितियों और उनकी मौत के कारण, दोनों का पता लगाना चाहिए।

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