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यूक्रेन यात्रा से पहले पीएम मोदी का संदेश, संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं

पोलैंड में पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के मैदान में किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। हमारा देश बातचीत और कूटनीति के जरिए जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाली का समर्थन करता है।

नरेंद्र मोदी 45 वर्षों में पहले भारतीय पीएम हैं, जो पोलैंड की यात्रा पर आएं हैं। उन्होंने पोलैंड के पीएम से विशेष बातचीत की। / X @narendramodi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्धग्रस्त यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा से पहले पोलैंड में कहा कि किसी भी संघर्ष का युद्ध के मैदान में समाधान नहीं हो सकता।

मोदी यूक्रेन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। वह 45 वर्षों में पहले भारतीय पीएम हैं, जो पोलैंड की यात्रा पर आएं हैं। पोलैंड कीव का वफादार सहयोगी है जो युद्धग्रस्त पड़ोसी देश यूक्रेन की ओर जाने वाले विदेशी नेताओं के लिए प्रमुख रास्ता उपलब्ध कराता है।

भारत सरकार यूक्रेन पर रूस के हमले की स्पष्ट निंदा से परहेज करती रही है। इसके बजाय वह दोनों पक्षों को बातचीत से अपने मतभेद सुलझाने पर जोर देती रही है।

वारसा में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि युद्ध के मैदान में किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। हमारा देश बातचीत और कूटनीति के जरिए जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने का समर्थन करता है।

टस्क ने बताया कि पीएम मोदी ने युद्ध को शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण तरीके से तुरंत खत्म करने के लिए निजी तौर पर प्रयास करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मोदी के साथ संवाददाताओं से बात करते हुए टस्क ने कहा कि इतिहास ने हमारे देशों को नियमों और सीमाओं का सम्मान करने व क्षेत्रीय अखंडता का महत्व सिखाया है।

पोलैंड रवाना होने से पहले बुधवार को मोदी ने कहा था कि एक दोस्त और साझेदार के तौर पर हम इलाके में जल्द ही शांति एवं स्थिरता बहाली की उम्मीद करते हैं। बयान में कहा गया था कि कीव में पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बातचीत में यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर दृष्टिकोण साझा करेंगे।

पोलैंड पहुंचने पर पीएम मोदी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान पोलिश बच्चों को आश्रय देने वाले गुजरात के एक महाराजा की याद में वारसा में बनाए गए स्मारक पर फूल चढ़ाए। मोदी ने महाराजा के नाम पर युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम की भी घोषणा की, जिसके तहत हर साल 20 पोलिश युवाओं को भारत आमंत्रित किया जाएगा।



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