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भारतीय अमेरिकी नेता जस्सी ने पाकिस्तान-बांग्लादेश वीजा पर रोक का स्वागत किया

भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेता जसदीप सिंह जस्सी ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है।

भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेता जसदीप सिंह जस्सी / IANS

हाल ही में अमेरिका ने बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 75 देशों के लिए आव्रजन वीजा पर रोक लगाने का फैसला किया है। भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेता जसदीप सिंह जस्सी ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश को शामिल करना वेटिंग सिस्टम में गंभीर कमियों और लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताओं को दिखाता है।

अमेरिकी सरकार के ऐलान के बाद जसदीप सिंह ने कहा कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप के इमिग्रेशन स्क्रीनिंग को कड़ा करने के लंबे समय से चले आ रहे नजरिए के मुताबिक है। यह एक ऐसा कदम है जो राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा से उठाना चाहते थे।

उन्होंने आईएएनएस को एक इंटरव्यू में बताया कि वह इसके बारे में इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि इस लिस्ट में जो देश हैं, वे अपने पासपोर्ट सिस्टम की जांच नहीं करते। वे लोगों की ठीक से जांच नहीं करते।

जस्सी ने कहा कि कमजोर स्क्रीनिंग सिस्टम की वजह से बिना जांच वाले बहुत से लोग अमेरिका में आ गए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताएं पैदा हुईं। इसलिए ट्रंप चाहते थे कि जिन देशों में मजबूत जांच प्रक्रिया नहीं है, वे लोगों के अमेरिका आने से पहले मजबूत स्क्रीनिंग और जांच लागू करें।

उन्होंने कहा कि वीजा पर रोक को सजा देने वाले कदम के बजाय सुधार के कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए। जस्सी ने कहा कि मुझे लगता है कि यह उसी दिशा में एक कदम था।

पाकिस्तान और बांग्लादेश को लिस्ट में क्यों शामिल किया गया? इसे लेकर जस्सी ने दोनों देशों में अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा किया और कहा कि हम सभी जानते हैं कि हाल ही में जो हुआ, उसके कारण बांग्लादेश अभी उथल-पुथल में है। पाकिस्तान भी कुछ हद तक उसी कैटेगरी में है।

जस्सी ने कट्टरपंथी तत्वों के साथ पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देशों को अमेरिका में ज्यादा एक्सेस मांगने से पहले अपने वेटिंग सिस्टम और अपने लोगों की स्क्रूटनी में सुधार करने की जरूरत है।

जस्सी ने दोनों देशों में पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये दोनों देश भ्रष्टाचार के लिए जाने जाते हैं। आप बिना किसी स्क्रूटनी के पासपोर्ट पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से आखिरकार न केवल अमेरिका को बल्कि प्रभावित देशों को भी सुधारों के लिए मजबूर करके फायदा हो सकता है।

ट्रंप सरकार ने बुधवार को 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चित समय के लिए रोक लगाने का आदेश दिया। स्टेट डिपार्टमेंट के एक निर्देश और सीनियर सरकारी अधिकारियों के पब्लिक बयानों के मुताबिक, इस चिंता का हवाला देते हुए कि एप्लीकेंट पब्लिक चार्ज बन सकते हैं और अमेरिकी वेलफेयर और पब्लिक बेनिफिट्स का फायदा उठा सकते हैं।

अमेरिकी सरकार का यह फैसला 21 जनवरी से लागू होगा। यह दुनियाभर में अमेरिकी कॉन्सुलर अधिकारियों को इमिग्रेंट वीजा की प्रक्रिया रोकने का निर्देश देता है, जबकि डिपार्टमेंट मौजूदा इमिग्रेशन कानून के तहत अपनी स्क्रीनिंग और वेटिंग प्रक्रिया को फिर से जांचता है।

विभाग के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इस सिलसिले में कहा, "ट्रंप सरकार उन लोगों द्वारा अमेरिका के इमिग्रेशन सिस्टम के गलत इस्तेमाल को खत्म कर रही है जो अमेरिकी लोगों से पैसा निकालना चाहते हैं।"

उन्होंने कहा, “स्टेट डिपार्टमेंट अपने पुराने अधिकार का इस्तेमाल करके उन संभावित इमिग्रेंट्स को अयोग्य मानेगा जो अमेरिका पर पब्लिक बोझ बन जाएंगे और अमेरिकी लोगों की उदारता का फायदा उठाएंगे।”

पिगॉट ने कहा कि 75 देशों से इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया तब तक रोक दी जाएगी जब तक विभाग इस प्रक्रिया की फिर से जांच करेगा, ताकि ऐसे विदेशी नागरिकों की एंट्री को रोका जा सके जो वेलफेयर और पब्लिक बेनिफिट्स लेंगे।”

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