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40 साल बाद अंतरिक्ष में भारत का बेटा, शुभांशु शुक्ला के ISS पहुंचते ही जश्न में भारतीय

इस सफलता के साथ ही भारत की अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ती ताकत और वैश्विक भागीदारी एक नई ऊंचाई पर पहुंची।

शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम आईएसएस पहुंच गई। /

भारत के लिए 26 जून का दिन ऐतिहासिक बन गया जब वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंचने वाले दूसरे भारतीय और पहले भारतीय वायुसेना अधिकारी बन गए। इस सफलता के साथ ही भारत की अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ती ताकत और वैश्विक भागीदारी एक नई ऊंचाई पर पहुंची।

देशभर से मिलीं शुभकामनाएं
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा, "भारत के लिए ऐतिहासिक दिन! शुभांशु शुक्ला को आईएसएस पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने पर हार्दिक बधाई। यह मिशन 140 करोड़ भारतीयों के सपनों और उम्मीदों को लेकर अंतरिक्ष में गया है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दीं, "यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को हार्दिक बधाई। जय हिंद!"

यह भी पढ़ेंः अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग: ISS जाने वाले पहले भारतीय बनें शुभांशु शुक्ला

राष्ट्रपत‍ि और रक्षा प्रतिष्ठान की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे "भारतीय विज्ञान की शक्ति और वैश्विक सहयोग की भावना का प्रतीक" बताया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के वरिष्ठ अधिकारी उप-नौसेनाध्यक्ष गुरचरण सिंह ने कहा, "यह उपलब्धि भविष्य की पीढ़ियों, विशेषकर युवाओं और रक्षा सेवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।"

अंतरराष्ट्रीय सराहना भी मिली
भारत की इस उपलब्धि की फ्रांस, अमेरिका और अन्य देशों के अंतरिक्ष संगठनों ने भी सराहना की। फ्रांस के राजदूतावास ने अपने संदेश में कहा, "भारत को बधाई, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के आईएसएस पहुंचने के साथ ही अंतरिक्ष में मित्रता और सहयोग की नई मिसाल कायम हुई है।"

राकेश शर्मा की सलाह
भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने शुभांशु को संदेश भेजते हुए कहा, "जितना हो सके खिड़की से बाहर देखो और अंतरिक्ष का आनंद लो। यह यात्रा जीवन भर की याद बन जाएगी।"

Axiom-4 मिशन की खास बातें
इस मिशन में भारत के शुभांशु शुक्ला के अलावा पोलैंड, हंगरी और अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। इस चार सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहीं हैं अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, जो NASA की पूर्व चीफ एस्ट्रोनॉट रह चुकी हैं। मिशन के तहत सभी अंतरिक्ष यात्री ISS पर 14 दिन बिताएंगे और माइक्रोग्रैविटी में वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।

 

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